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Blog: सोचा ना था....

Blogger: Neha
कहानियों की हालत बहुत ख़राब है..किसी के सिर में दर्द है तो किसी के पीठ में...किसी को भावनाओं की ड्रिप चढ़ी हुई है तो कोई बिस्तर पर पड़ी कराह रही है। किसी की धड़कनें मद्धम है तो बाहर उसके इंतज़ार में खड़ी कहानियाँ एक-दूसरे के गले लग आँसू बहा रही हैं। सिर पीटती और ज़ोरों से ... Read more
clicks 95 View   Vote 1 Like   12:50pm 14 Apr 2019
Blogger: Neha
कई दिनों से किताब पढ़ना बंद-सा था। किसी भी किताब को देखकर लगता था कि पढ़ना है पर आराम से पढ़ूँगी, बस यही सोचकर इतने दिनों से पढ़ना स्थगित सा ही था। एक रात यूँ ही पास रखी किताब के पन्ने पलटने लगी और एक-दो पन्ने पढ़ने के बाद किताब पढ़ती ही चली गयी। काम के बीच दो ही दिनों में ये... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   3:05pm 19 Dec 2018
Blogger: Neha
कल बातों-बातों में देश और प्रेम की बातें हुईं...मेरा मानना है कि देश की स्थिति पर चर्चा या तो बहुत गहन तरीक़े से हो सकती है या नहीं हो सकती, ऊपरी तौर पर छूकर निकल जाएँ ऐसा हो ही नहीं सकता। मुझे इस विषय पर कुछ भी लिखने से पहले ख़ुद भी कई बातों और अपने विचारों में सामंजस्य बिठा... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   3:51pm 26 Jul 2018
Blogger: Neha
कुछ दिनों में क्या-क्या भाव मन में आते-जाते रहे हैं ये कहना चाहूँ तो भी कह नहीं पाऊँगी शायद...वो ख़बर पढ़ते हुए दिल दहल गया...पहले लगा ज़ोर से चिल्ला पड़ूँ..फिर मन के किसी कोने से एक घुटी-सी चीख़ हीं निकल पायी...एक ओर दहशत ने क़ब्ज़ा जमाया तो दूसरी ओर ग़ुस्सा भी था। मन से इतने श... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:27pm 14 Apr 2018
Blogger: Neha
कल“विश्वमानसिकस्वास्थ्यदिवस”हैऔरमुझेलगता है शायद आज का दौर ऐसा है जब हर इंसान को मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। पहले की ज़िंदगी में भी परेशानियाँ कम नहीं थीं लेकिन आज के दौर में जिस तरह लोग हर छोटी बड़ी बात का प्रेशर लेते हैं वो यहीं दर्शाता है कि हम... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   1:27pm 9 Oct 2017
Blogger: Neha
कुएँमेंकुछमेंढकपरिवाररहाकरतेथे..सभीबहुतख़ुशथेचारोंओरगोलदीवारथी,पानीथाऊपरआसमानभीदिखताथागोल..बाप-दादाकेज़मानेसेसबवहींखेलतेखातेऔरआरामसेवहींज़िंदगीबितादेतेथे…लेकिनएकनयाबच्चादुनियामेंआया,उसकेमनमेंकईसवालथे..कुएँसेबाहरकीदुनियाकोलेकर..सबउसकेसवालटाल... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:41am 26 Sep 2017
Blogger: Neha
मैं लिखना चाहती हूँहर अहसास को,हर जज़्बात को उम्मीदों को आशाओं को ख्वाहिशों को,अरमानों को धड़कन के हर रंग को हर चाहत और उमंग कोबीती हुई हर बात को अपनी हर सुबह हर रात को हर अजनबी के अपनेपन को और परिचितों के बदले रंग को अपने हर स्वार्थ,लालच और बेईमानी को अपनी हर नादानी को ह... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   11:26am 16 Jul 2017
Blogger: Neha
"बसचलीतोसबकेबीचहँसते-बतियातेउसेऐसालगाजैसेसारेदिनख़ूबसारीपढ़ाईकरकेघरकीओरलौटरहाहै।तभीख़यालआया-धत्वोतोस्कूलजारहाहै।"इसएकवाक्यमेंबंटीकेमनकीमनस्थितिज़ाहिरहोजातीहै,जबआपकोघरसेज़्यादाबाहरआनंदआनेलगेतोसमझिए कुछ ठीक नहीं है,कुछभावनाएँऐसीहोतींहैंजोआपअं... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   7:24am 2 Dec 2016
Blogger: Neha
कृष्ण आज क्षमा माँगते हैं हर उस माँ से,जिसका बच्चा कृष्ण बनने की ठानकर घर से निकलता है..और बनना चाहता है सिर्फ़ माखनचोर..करना चाहता है रासलीला..हरना चाहता है गोपियों के वस्त्र..तोड़ना चाहता है राह चलती गोपियों की मटकियाँ..बनाना चाहता है हर राधा को अपनी..पर नहीं मोहना चाहत... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   7:45am 26 Aug 2016
Blogger: Neha
इस फ़िल्म की कहानी काल्पनिक है..किसी भी पात्र का किसी जीवित या मृत व्यक्ति से सम्बंध मात्र संयोग है..इस तरह के जो डिस्क्लेमर फ़िल्म की शुरुआत में आते हैं लोग उसे वैसे ही नज़र अन्दाज़ कर देते हैं जैसे फ़िल्म से पहले आने वाले धूम्रपान ना करने वाले विज्ञापन को..।लोग ना तो धू... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   8:36am 30 Jul 2016
Blogger: Neha
कुछ दिनों पहले रश्मि दी से कुछ किताबें पढने के लिए ले आई थी..उनमें ही एक किताब थी ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा जूठन..पता ही नहीं था क्या होगा उसमें..कैसी होगी..मैं किताबों के पहले पांच पन्ने से अनुमान लगाती हूँ कि ये कैसी होगी..शायद ये अच्छी आदत नहीं है..लेकिन जब पहले पांच प... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   9:16am 3 Jul 2016
Blogger: Neha
ज़िन्दगी में सभी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है..लेकिन अगर मैं किसी की सबसे ज्यादा शुक्रगुज़ार हूँ तो वो हैं मुझे वॉइस् ट्रेनिंग देने वाले वनमाली सर..जब वहां गयी थी तो मुंह से शब्द नहीं निकलते थे..पर उन्होंने शब्दों में भाव लाना सिखाया...या कहूँ उन्होंने ही आत्मविश्वास दिलाया ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:20pm 19 May 2016
Blogger: Neha
ज़िन्दगी में सभी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है..लेकिन अगर मैं किसी की सबसे ज्यादा शुक्रगुज़ार हूँ तो वो हैं मुझे वॉइस् ट्रेनिंग देने वाले वनमाली सर..जब वहां गयी थी तो मुंह से शब्द नहीं निकलते थे..पर उन्होंने शब्दों में भाव लाना सिखाया...या कहूँ उन्होंने ही आत्मविश्वास दिलाया ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   2:20pm 19 May 2016
Blogger: Neha
आज टीवी पर किसी कार्यक्रम का विज्ञापन आ रहा था हिंदी में...जहाँ वैज्ञानिक को वैग्यानिकलिखा था..वहीँ अदृश्यताको आद्रिश्यतालिखा था...ऐसी ग़लतियाँ अक्सर देखने मिलती है...न सिर्फ मनोरंजक चैनल्स में बल्कि न्यूज़ चैनल्स में भी..ये टाइपिंग की ग़लतियाँ तो नहीं हैं..ये हिंदी भाषा क... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   2:12pm 17 May 2016
Blogger: Neha
आज पढने के लिए कुछ नई किताबें निकालते समय “काशी का अस्सी” पर नज़र पड़ी.पिछले साल इस किताब को पढ़ा था मैंने..पर इसके बारे में कुछ लिखा नहीं था..दरअसल इसे पढने के बाद समझ ही नहीं आया कि क्या लिखूं इसके बारे में...पर आज जब दुबारा ये नज़र आई तो लगा इसके बारे में कुछ तो लिखना ही चाहिए.ए... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:28pm 15 May 2016
Blogger: Neha
आज पढने के लिए कुछ नई किताबें निकालते समय “काशी का अस्सी” पर नज़र पड़ी.पिछले साल इस किताब को पढ़ा था मैंने..पर इसके बारे में कुछ लिखा नहीं था..दरअसल इसे पढने के बाद समझ ही नहीं आया कि क्या लिखूं इसके बारे में...पर आज जब दुबारा ये नज़र आई तो लगा इसके बारे में कुछ तो लिखना ही चाहिए.ए... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   2:28pm 15 May 2016
Blogger: Neha
कल एक परिचित मोबाइल में अपनी कामवाली का मैसेज दिखा रहीं थीं,जो इंग्लिश में था..मैंने कहा "मोबाइल में ऐसी सेटिंग होती है जब फ़ोन ना लगने पर मेसेज अपने आप चला जाता है या हो सकता है आपकी कामवाली पढ़ी-लिखी हो।" ये बात उन्हें जले पर नमक जैसी लगीवो बिफरकर बोलीं-नहीं..कोई पढ़ी-ल... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   8:14am 2 May 2016
Blogger: Neha
आज नवभारत में एक ख़बर पढ़ने मिली..मध्यप्रदेश के भिंड ज़िले के किशूपुरा गाँव की प्रियंका भदौरिया ने अपनी शादी के मौके पर ससुराल वालों से चढ़ावे के रूप में गहने की बजाए 10,000 पौधे लाने का संकल्प लिया।उससे भी अच्छी बात ये कि ससुराल वाले उसकी बात से सहमत हुए और अब ये पौधे मायक... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   8:37am 24 Apr 2016
Blogger: Neha
कुछ दिन पहले बस में स्कूल की दो लड़कियाँ मराठी स्टाइल में एक सी साड़ी औरगहने पहने स्कूल बैग के साथ चढ़ीं। सबकी नज़रें उनकी ओर थीं;अच्छीं लगरहीं थी।एक आदमी ने अगले स्टाप में चढ़ते साथ उन दोनों से कहा-"बहुत अच्छीलग रही हो दोनों"।बड़ी लड़की की ओर से कोई ख़ास प्रतिक्रिया नहीं... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   1:50pm 26 Jul 2015
Blogger: Neha
मैंने ज्यादा व्यंग्य नहीं पढ़े हैं अगर पढ़ा है तो हरिशंकर परसाई को पढ़ा है,उनसे हटकर कोई व्यंग्य पहली बार पढ़ा..और वो व्यंग्य था ज्ञान चतुर्वेदीका बारामासी. इस व्यंग्य ने पहले तो मुझे अपने नाम के कारण ही आकर्षित किया,कि ऐसी क्या कहानी हो सकती है जिसके लिए बरामासी नाम रखा गय... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   11:19am 9 May 2015
Blogger: Neha
'कृष्णकुंजी'अश्विन सांघी की लिखी एक बेहतरीन किताब है.ये कहानी है एक ऐसे सीरियल कीलर की जो खुद को कलियुग का कल्कि अवतार मानता है और पाप को मिटाने की कोशिश में एक-एक करके वैज्ञानिकों की हत्या करता जा रहा है.इस पूरी गुत्थी को सुलझाने में ये कहानी एक ऐसा मोड़ लेती है जहाँ कृष्... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   7:13am 25 Apr 2015
Blogger: Neha
कुछ दिनों पहले पढ़ी अशोक के. बैंकरकी लिखी किताब “दशराजन” ,इस किताब ने कई पहलुओं से प्रभावित किया,जिसमें सबसे पहला है रोचक लेखन,कहानी और पात्र.अशोक के. बैंकर ने बहुत ही ख़ूबसूरती से इस पूरी कहानी को पेश किया है. इस कहानी की सबसे बड़ी खासियत है कि ये हमारे प्राचीन इतिहास का अं... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   11:30am 12 Apr 2015
Blogger: Neha
कल'विश्व युवा लेखक प्रोत्साहन दिवस’था.इस दिन अपने आसपास के युवाओं को जो पढने-लिखने  में रूचि रखते हैं उन्हें पढाई के अतिरिक्त लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.इस बात से मुझे याद आया किस तरह बचपन में मुझे लेखन के लिए प्रोत्साहित किया गया था,तब मैंने इस बारे में सोच... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:28am 11 Apr 2015
Blogger: Neha
“किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं!”बस कुछ इसी तरह कई किरदारों से मुलाक़ात हुई गुलज़ार की लिखी “ड्योढ़ी” को पढ़ते हुए. यूँ तो गुलज़ार के शब्दों को कई बार सुना है पर उन्हें पहली बार पढ़ा. ड्योढ़ी कई कहानियों का संग्रह है और ह... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   9:21am 9 Apr 2015
Blogger: Neha
साल की शुरुवात हुई आनंद नीलकंठन की लिखी किताब “असुर:पराजितों की गाथा”से. जैसा की नाम से ही जाहिर है ये किताब बयां करती है,असुरों की गाथा,यानि रावण की कहानी. रामायण की कहानी तो हम सभी जानते हैं,पर रावण के विषय में कितना पता है हमें,कई बार ये प्रयास हुआ भी कि रावण की कहानी कह... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   12:23pm 8 Apr 2015
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