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मुसाफ़िर हूँ यारों

इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।13 जुलाई 2017रुद्रप्रयाग में दही समोसे खा रहे थे तो प्लान बदल गया। अब हम पोखरी वाले रास्ते से जाएंगे। उधर दो स्थान दर्शनीय हैं। और दोनों के ही नाम मैं भूल गया था। बाइक उधर ही मोड़ दी। अलकनन्दा पार करके दाहिने मुड़ गए।...
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  October 16, 2017, 5:00 am
12 जुलाई 2017थक गए। और थकान होगी ही। नींद भी आएगी। सुबह तीन बजे के उठे हुए और साढ़े चार के चले हुए। अब शाम छह बजे श्रीनगर पहुँचे। कमरा लिया। दीप्ति तो गीले कपड़े धोने और सुखाने में व्यस्त हो गयी, मैं खर्राटे लेने में। मुझे कोई होश नहीं कि दीप्ति ने कितना काम किया। सात बजे कपड़ों ...
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  October 9, 2017, 5:00 am
पंचचूली बेसकैंप यात्रा का संपूर्ण वृत्तांतआपने पढ़ा... सराहा... आनंद आ गया...यात्रा के दौरान हम छोटी-छोटी वीडियो भी बनाते चलते हैं... और लौटकर कैमरे से लैपटॉप में कॉपी-पेस्ट कर देते हैं... और भूल जाते हैं... कभी-कभार इनकी याद आती है तो दो-दो, चार-चार वीडियो को जोड़कर या बिना जोड़े ही ...
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  October 6, 2017, 5:00 am
पिछले दिनों मैंने महाराष्ट्र में कुछ रेलमार्गों पर पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा की थी। उनमें से अकोला से नागपुर का रेलमार्ग भी शामिल था। इस पर यात्रा करने के साथ ही मेरे पैसेंजर नक्शे में मुंबई और हावड़ा भी जुड़ गये। यानी मैं मुंबई-हावड़ा संपूर्ण रेलमार्ग पर पैसेंजर ट्रे...
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  October 4, 2017, 10:32 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।15 जून 2017दन्या से जागेश्वर जाने में भला कितनी देर लगती है? आप ‘ट्यण-म्यण बाट, हिटो माठूँ-माठ’ पढ़ते-पढ़ते जागेश्वर पहुँच जाते हैं। कुमाऊँनी में लिखी इन बातों का अर्थ हमें नहीं पता। शायद ‘ट्यण-म्यण बाट’ का अर्थ होता ...
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  October 2, 2017, 5:00 am
पुस्तक मेले में घूम रहे थे तो भारतीय ज्ञानपीठ के यहाँ एक कोने में पचास परसेंट वाली किताबों का ढेर लगा था। उनमें ‘पिघलेगी बर्फ’ को इसलिये उठा लिया क्योंकि एक तो यह 75 रुपये की मिल गयी और दूसरे इसका नाम कश्मीर से संबंधित लग रहा था। लेकिन चूँकि यह उपन्यास था, इसलिये सबसे पहल...
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  September 28, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।13 जून 2017हम मुन्स्यारी में थे और सोते ही रहे, सोते ही रहे। बारह बजे उठे। आधी रात के समय यहाँ बड़ी चहल-पहल मची थी। गाड़ी भरकर पर्यटक आये थे। उनकी गाड़ी कहीं ख़राब हो गयी थी तो लेट हो गये। और उन्होंने जो ऊधम मचाया, उसका नती...
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  September 25, 2017, 5:00 am
पुस्तक मेले में घूमते हुए एक पुस्तक दिखायी पड़ी - चुटकी भर नमक, मीलों लंबी बागड़।कवर पेज पर भारत का पुराना-सा नक्शा भी छपा था, तो जिज्ञासावश उठाकर देखने लगा। और खरीद भी ली।ब्रिटिश राज में नमक पर कर लगा करता था। बंगाल रेजीडेंसी में यह सर्वाधिक था - साल में आम जनता की लगभग दो म...
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  September 21, 2017, 12:08 pm
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।12 जून 2017ग्यारह बजे नारायण आश्रम से चल दिये। आज मुन्स्यारी पहुँचना था, जो यहाँ से करीब 150 किलोमीटर दूर है। कल रात के समय हम यहाँ आये थे। अब दिन के उजाले में पता चल रहा था कि यह रास्ता कितना खूबसूरत है। ख़राब तो है, लेक...
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  September 18, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।11 जून 2017अभी ढाई ही बजे थे और हमें बताया गया कि दुकतू से जल्द से जल्द निकल जाओ, अन्यथा यह अनिश्चित समय तक सड़क मार्ग से कट जायेगा। सी.पी.डब्लू.डी. सड़क की खुदाई कर रहा था, इसलिये सड़क बंद होने वाली थी। हमें याद आया कि वहा...
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  September 11, 2017, 5:00 am
श्याम विमल द्वारा लिखित यह पुस्तक उनका एक यात्रा-संस्मरण है। लेखक का जन्म 1931 में मुलतान के शुजाबाद कस्बे में हुआ था। जब ये 16 बरस के थे, तब देश का बँटवारा हो गया और इन्हें सपरिवार अपनी जन्मभूमि छोड़कर भारत आना पड़ा। 75 साल की उम्र में ये अपनी जन्मभूमि देखने पाकिस्तान गये - 2005 म...
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  September 6, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।11 जून 2017आप कभी कुमाऊँ गये होंगे मतलब नैनीताल, रानीखेत, मुक्तेश्वर, कौसानी, चौकोड़ी, मुन्स्यारी... तो आपने हिमालय की बर्फीली चोटियों के भी दर्शन किये होंगे। आपको इन चोटियों के नाम तो नहीं पता होंगे, तो इनके नाम जानन...
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  September 4, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।10 जून 2017उत्तराखंड़ के इस इलाके को दारमा घाटी कहते हैं। इसका उत्तरी सिरा तिब्बत की सीमा से मिला है। पश्चिम में रालम धुरा पार करके रालम घाटी में जाया जा सकता है। 1962 से पहले इस इलाके का तिब्बत के साथ बहुत व्यापार होत...
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  August 28, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।10 जून 2017धारचूला से तवाघाट की सड़क बहुत अच्छी बनी है। 19 किलोमीटर का यह रास्ता काली नदी के साथ-साथ ही है। बीच में एक और स्थान पर झूला पुल मिला। पुल के द्वार पर सशस्त्र सीमा बल का पहरा था। कल तक मेरे पास जो जानकारी थी, उ...
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  August 21, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।9 जून 2017थल समुद्र तल से लगभग 900 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। अच्छा-खासा कस्बा है। कुमाऊँ के ऐसे कस्बों में भी ठीक-ठाक चहल-पहल देखने को मिलती है। गढ़वाल और कुमाऊँ में मुझे यही अंतर देखने को मिला। कुमाऊँ ज्यादा जीवंत है...
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  August 14, 2017, 5:00 am
7 जून, 2017ज़िंदगी एक बार फ़िर मेहरबान हो गयी और हमें मौका दे दिया हिमालय की ऊँचाईयों पर जाने का। कुमाऊँ हिमालय की ऊँचाईयों पर मैं कभी नहीं गया था, सिवाय कई साल पहले पिंड़ारी और कफ़नी ग्लेशियरकी यात्राओं के। इस बार मिलम ग्लेशियर का इरादा बना तो दो सप्ताह की छुट्टियाँ मंज़ूर नही...
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  August 7, 2017, 5:00 am
पिछले दिनों दो पुस्तकें पढ़ने को मिलीं। इन दोनों के बारे में मैं अलग-अलग लिखने वाला था, लेकिन एक कारण से एक साथ लिख रहा हूँ। पहले चर्चा करते हैं ‘तिब्बत तिब्बत’ की।इसके लेखक पैट्रिक फ्रैंच हैं, जो कि मूल रूप से ब्रिटिश हैं। हिंदी अनुवाद भारत पाण्डेय ने किया है - बेहतरीन उ...
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  July 10, 2017, 5:00 am
पिछले दिनों हमारी “कुमारहट्टी से जानकीचट्टी” यात्रा-श्रंखला प्रकाशित हुई। इस दौरान फ़ेसबुक पेजपर कुछ वीड़ियो भी अपलोड़ कीं। उन्हीं वीड़ियो को यहाँ ब्लॉग पर भी प्रकाशित किया जा रहा है। यदि आपने फेसबुक पेजपर वीड़ियो न देखी हों, तो यहाँ देख सकते हैं।इस यात्रा के सभी भाग:1. बा...
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  July 6, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।21 मई 2017कल ही तय हो गया था कि मैं और नरेंद्र आज सुबह-सवेरे पाँच बजे यमुनोत्री जायेंगे और रणविजय यहीं रहेगा। लेकिन पाँच कब बज गये, किसी को भी पता नहीं चला। छह बजे तक आँखें तो तीनों की खुल गयीं, लेकिन उठा कोई नहीं। सात ...
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  July 3, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।20 मई 2017पुरोला से सुबह साढ़े आठ बजे चल दिये। बाज़ार में चहल-पहल थी। देहरादून की बस भी खड़ी थी। कुछ ही आगे नौगाँव है। यमुना किनारे बसा हुआ। यमुना नदी पार करते ही हम नौगाँव में थे। नौगाँव समुद्र तल से लगभग 1100 मीटर ऊपर है, ...
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  June 26, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।19 मई 2017हनोल से निकलते ही चीड़ का जंगल आरंभ हो गया और बगल में टोंस नदी। आनंदमय कर देने वाला वातावरण।पाँच-छह किलोमीटर आगे एक स्थान है - चीड़ समाधि। पता नहीं यह एशिया का सबसे ऊँचा पेड़ था या दुनिया का, लेकिन बहुत ऊँचा था...
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  June 19, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।19 मई 2017तो हम उठे आराम से। बड़े आराम से। रात बारिश हुई थी तो मौसम सुहावना हो गया था, अन्यथा त्यूणी 900 मीटर की ऊँचाई पर बसा है, खूब गर्म रहता है। मानसून और सर्दियों में आने लायक जगह है त्यूणी। रणविजय ने कहा - “गुरूदेव, त...
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  June 12, 2017, 5:00 am
इस यात्रा-वृत्तांत को आरंभ से पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।18 मई 2017हम सुबह ही उठ गये। मतलब इतनी सुबह भी नहीं। फ्रेश होने गये तो एहसास होने लगा कि 500 रुपये का कमरा लेकर ठगे गये। चार-पाँच कमरों का एक साझा टॉयलेट ही था। उसमें भी इतनी गंदगी कि मामला नीचे उतरने की बजाय वापस ऊपर च...
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  June 5, 2017, 5:00 am
इस यात्रा को क्या नाम दूँ? समझ नहीं पा रहा। निकले तो चांशल पास के लिये थे, लेकिन नहीं जा सके, इसलिये चांशल यात्रा भी कहना ठीक नहीं। फिर दिशा बदलकर उत्तराखंड़ में चले गये, फिर भी उत्तराखंड़ यात्रा कहना ठीक नहीं। तो काफ़ी मशक्कत के बाद इसे यह नाम दिया है - कुमारहट्टी से जानकीचट...
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  June 1, 2017, 5:00 am
पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में की गयी नैरोगेज ट्रेन यात्राकी छोटी-छोटी वीडियो जो जोड़ने और एडिट करने का यह प्रयास किया है। उतना प्रभावशाली तो नहीं है, लेकिन ठीक-ठाक ही है। मैं वीडियो एडिटिंग के क्षेत्र में नया हूँ ना... इसलिये। जब लगातार एडिटिंग करनी शुरू कर दूँगा, तो आपको ‘स्...
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  May 29, 2017, 5:00 am
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