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Blog: लम्हों का सफ़र

Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
 यादें, न आओ*******1. मीठी-सी बात   पहली मुलाक़ात   आई है याद!   2. दुखों का सर्प   यादों में जाके बैठा   डंक मारता!   3. गहरे खुदे   यादों की दीवार पे   जख्मों के निशाँ!   4. तुम भी भूलो,   मत लौटना यादें,   हमें जो भूले! 5. पराए रिश्ते   रोज़ ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   4:38pm 15 Sep 2020 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बारहमासी******* रग-रग में दौड़ा मौसम   रहा न मन अनाड़ी   मौसम का है खेल सब   हम ठहरे इसके खिलाड़ी।   आँखों में भदवा लगा   जब आया नाचते सावन   जीवन में उगा जेठ   जब सूखा मन का आँगन।   आया फगुआ झूम-झूम के   तब मन हो गया बैरागी   मुँह चिढ़ाते कार्तिक आ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   12:23pm 9 Sep 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
परी******* दुश्वारियों से जी घबराए   जाने क़यामत कब आ जाए   मेरे सारे राज़, तुम छुपा लो जग से   मेरा उजड़ा मन, बसा लो मन में ।   पूछे कोई कि तेरे मन में है कौन   कहना कि एक थी परी, गुलाम देश की रानी   अपने परों से उड़कर, जो मेरे सपने में आई   किसी से न कहना, उस परी क... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   6:03pm 3 Sep 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ज़िन्दगी के सफ़हे ******* ज़िन्दगी के सफ़हे पर   चिंगारी धर दी किसी ने   जो सुलग रही है धीरे-धीरे   मौसम प्रतिकूल है   आँधियाँ विनाश का रूप ले चुकी हैं   सूरज झुलस रहा है   हवा और पानी का दम घुट रहा है   सन्नाटों से भरे इस दश्त में   क्या ज़िन्दगी के सफ़हे... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   4:50pm 30 Aug 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रूह (10 क्षणिकाएँ) ******* 1. कील ******* मन के नाज़ुक तहों में   कभी एक कील चुभी थी   जो बाहर न निकल सकी   वह बारहा टीस देती है   जब-जब दूसरी नई कील   उसे और अंदर बेध देती है !   2. काँटे ******* तमाम उम्र जिंदगी से काँटे छाँटती रही   ताकि जिंदगी बस फूल ही फूल ... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   12:38pm 20 Aug 2020 #चिन्तन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
विदा ******* उम्र के बेहिसाब लम्हे   जाने कैसे ख़र्च हो गए    बदले में मिले ज़िन्दगी के छल   एकांत के अनेकों कठोर पल   जब न सुनने वाला कोई, न समझाने वाला कोई   न पास आने वाला, न दूर जाने वाला कोई   न संगी न साथी, न रिश्ते न रिश्तेदारी   अपनी नीरवता में ख़ुद क... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   6:30pm 12 Aug 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
पहचाना जाएगा******* वक़्त मुट्ठी से फिसलता, जीवन कैसे पहचाना जाएगा   कौन किसको देखे यहाँ, कोई कैसे पहचाना जाएगा!   ज़मीर कब कहाँ मरा, ये अब दिखाएगा कौन भला   हर शीशे में कालिख पुता, चेहरा कैसे पहचाना जाएगा!   कौन किसका है सगा, भला यह कौन किसको बताएगा   आईने में ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   8:57am 26 Jul 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चिड़िया फूल या तितली होती ******* अक्सर पूछा   खुद से ही सवाल   जिसका हल   नहीं किसी के पास,   मैं ऐसी क्यों हूँ ?   मैं चिड़िया क्यों नहीं   या कोई फूल   या तितली ही होती,   यदि होती तो   रंग-बिरंगे होते   मेरे भी रूप   सबको मैं लुभाती   हवा के ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   5:27pm 20 Jul 2020 #प्रकृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
चिड़िया फूल या तितली होती ******* अक्सर पूछा   खुद से ही सवाल   जिसका हल   नहीं किसी के पास,   मैं ऐसी क्यों हूँ ?   मैं चिड़िया क्यों नहीं   या कोई फूल   या तितली ही होती,   यदि होती तो   रंग-बिरंगे होते   मेरे भी रूप   सबको मैं लुभाती   हवा के ... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   5:27pm 20 Jul 2020 #प्रकृति
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
इतनी-सी बात इतनी-सी फ़िक्र******* दो चार फ़िक्र हैं जीवन के   मिले गर कोई राह, चले जाओ   बेफ़िक्री लौटा लाओ   कह तो दिया कि दूर जाओ   निदान के लिए सपने न देखो   राह पर बढ़ो, बढ़ते चले जाओ   वहाँ तक जहाँ पृथ्वी का अंत है   वहाँ तक जहाँ कोई दुष्ट है या संत है  &nbs... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   6:35pm 7 Jul 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सँवरने नहीं देती****** दर्द की ज़ुबान मीठी है बहकने नहीं देती   लहू में डूबी है ज़िन्दगी सँवरने नहीं देती !   इक रूह है जो जिस्म में तड़पती रहती है   कमबख्त साँस हैं जो निकलने नहीं देती !   मसला तो हल न हुआ बस चलते ही रहे   थक गए पर ये ज़िन्दगी थमने नहीं देती !  &... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   4:25pm 1 Jul 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रीसेट******* हयात के लम्हात, दर्द में सने थे   मेरे सारे दिन-रात, आँसू से बने थे   नाकामियों, नादानियों और मायूसियों के तूफ़ान   मन में लिए बैठे थे   वक़्त से सुधारने की गुहार लगाते-लगाते   बेज़ार जिए जा रहे थे   हम थे पागल, जो माजी से प्यार किए जा रहे थे   कल व... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   2:12pm 26 Jun 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ईनार******* मन के किसी कोने में   अब भी गूँजती हैं कुछ धुनें   रस्सी का एक छोर पकड़   छपाक से कूदती हुई बाल्टी   ईनार पर लगी हुई चकरी से   एक सुर में धीरे-धीरे ऊपर चढ़ती बाल्टी   टन-टन करती बड़ी बाल्टी छोटी बाल्टी   लोटा-कटोरा और बाल्टी-बटलोही   सब ... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   1:36pm 23 Jun 2020 #जीवन
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
बोनसाई ******* हज़ारों बोनसाई उग गए हैं   जो छोटे-छोटे ख्वाबों की पौध हैं   ये पौधे अब दरख़्तों में तब्दील हो चुकें हैं   ये सदा हरे भरे नहीं रहते   मुरझा जाने को होते ही हैं   कि रहम की ज़रा-सी बदली बरसती है   वे ज़रा-ज़रा हरियाने लगते हैं   फिर कुनमुना ... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   7:06pm 20 Jun 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
ख़ाली हाथ जाना है ******* ख़ाली हाथ हम आए थे   ख़ाली हाथ ही जाना है !  तन्हा-तन्हा रातें गुज़री   तन्हा दिन भी बिताना है !  समझ-समझ के समझे क्यों   समझ से दिल कब माना है !  कतरा-कतरा जीवन छूटा   कतरा-कतरा सब पाना है !  बूँद-बूँद बिखरा लहू   बूँद-बूँद मिट आन... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   6:44am 16 Jun 2020 #तुकबन्दी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
आईना और परछाई ****** आईना मेरा सखा   जो मुझसे कभी झूठ नहीं बोलता   परछाई मेरी सखी   जो मेरा साथ कभी नहीं छोड़ती   इन दोनों के साथ मैं   जीवन के धूप-छाँव का खेल खेलती   आईना मेरे आँसू पोछता   बिना थके मुझे सदा हँसाता   परछाई मेरे संग-संग घूमती   अँध... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   5:13pm 9 Jun 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
फूलवारी ******* जब भी मिलने जाती हूँ   कसकर मेरी बाँहें पकड़, कहती है मुझसे -   अब जो आई हो, तो यहीं रह जाओ   याद करो, जब अपने नन्हे-नन्हे हाथों से   तुमने रोपा था, हम सब को   देखो कितनी खिली हुई है बगिया   पर तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगता   बहुत याद आती हो त... Read more
clicks 62 View   Vote 0 Like   5:28pm 5 Jun 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
रंग*****बेरंग जीवन बेनूर न हो   कर्ज में माँग लायी मौसम से ढ़ेरों रंग   लाल पीले हरे नीले नारंगी बैगनी जामुनी   छोटी-छोटी पोटली में बड़े सलीके से लेकर आई   और खुद पर उड़ेल कर ओढ़ लिया मैंने इंद्रधनुषी रंग   अब चाहती हूँ   रंगों का कर्ज चुकाने, मैं मौसम बन... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   12:34pm 2 Jun 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
सीता की पीर ******* 1. राह अगोरे  शबरी-सा ये मन,  कब आओगे?  2. अहल्या बनी  कोई राम न आया  पाषाण रही।  3. चीर-हरण,  द्रौपदी का वो कृष्ण  आता न अब।  4. शुचि द्रौपदी  पाँच वरों में बँटी,  किसका दोष?  5. कर्ण का दान  कवच व कुंडल,  कुंत... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   12:17pm 1 Jun 2020 #हाइकु
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
नीरवता ****** मन के भीतर   एक विशाल जंगल बस गया है   जहाँ मेरे शब्द चीखते चिल्लाते हैं   ऊँचे वृक्षों-सा मेरा अस्तित्व   थक कर एक छाँव ढूँढ़ता है   लेकिन छाँव कहीं नहीं है   मैंने खुद वृक्षों का कत्ल किया था,   इस बीहड़ जंगल से अब मन डरने लगा है  &nbs... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   1:05pm 30 May 2020 #समाज
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
मंत्र****** अपनी पीर छुपाकर जीना   मीठे कह के आँसू पीना   ये दस्तूर निभाऊँ कैसे   जिस्म है घायल छलनी सीना   रिश्ते नाते अब निभते कहाँ   शिकवे शिकायत किससे भला   गली चौबारे खुद में सिमटे   दरख़्त भी हुए टुकड़े-टुकड़े   संवेदनाओं की बली चढ़ाकर   म... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   1:31pm 25 May 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
स्वाद / बेस्वाद******* 1. तेरे इश्क का स्वाद   मीठे पानी के झरने-सा   प्यास से तड़पते राही को   इक घूँट भर भी मिल जाए   पीर-पैगंबर की दुआ   कुबूल हो जाए।   2. एक घूँट इश्क   और तेरा स्वाद   अस्थि-मज्जा में जा घुला   जिसके बिना   जीवन नामुमकिन।   ... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   12:53pm 22 May 2020 #प्रेम
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
कहा-सुनी जारी है*******पल-पल समय के साथ, कहा-सुनी जारी है   वो कहता रहता है, मैं सुनती रहती हूँ,   अरेब-फरेब, जो उसका मन, बोलता रहता है   कान में पिघलता सीसा, उड़ेलता रहता है   मैं हूंकार भरती रहती हूँ, मुस्कुराती रहती हूँ   अपना अपनापा दिखाती रहती हूँ,   नहीं याद... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   1:42pm 20 May 2020 #ज़िन्दगी
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
लॉकडाउन ******* लॉकडाउन से जब शहर हुए हैं वीरान  बढ़ चुकी है मन के लॉकडाउन की भी मियाद  अनजाने भय से मन वैसे ही भयभीत रहता है  जैसे आज महामारी से पूरी दुनिया डरी हुई है  मन को हजारों सवाल बेहिसाब तंग करते हैं  जैसे टी वी पर चीखते खबरनवीसों के कुतर्क अस... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   6:12pm 15 May 2020 #
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम
अलविदा  *******तपती रेत पर  पाँव के नहीं, जलते पाँव के ज़ख्म के निशान हैं  मंजिल दूर, बहुत दूर दिख रही है  पर पाँव थक चुके हैं, पाँव और मन जल चुके हैं  हौसला देने वाला कोई नहीं  साँसें सँभालने वाला कोई नहीं  यह तय है ज़िन्दगी वहाँ तक नहीं पहुँचेगी &... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   8:38am 13 May 2020 #
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