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Blog: प्रेमरस

Blogger: Shah Nawaz
24 मार्च तक बहुत सारे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों में लोग सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद आ-जा रहे थे और इस कारण लॉक डाउन होने पर फंस गए। क्योंकि तब तक सरकार ही गंभीर नहीं थी, प्रदर्शन चल रहे थे, सामाजिक-राजनैतिक समारोह / पार्टियाँ आयोजित हो रही थीं, सरकारें गिर रही, बन रही थीं, संसद सत्र चल रहा था। सरकारी गंभीरता अचा... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   12:55pm 1 May 2020 #National
Blogger: Shah Nawaz
यह बेहद फख्र की बात है कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं। मतलब देश के हर हिस्से में किसी ज़ोर-ज़बरदस्ती की नहीं बल्कि जनता की मर्ज़ी से चुनी हुई सरकार प्रशासक का काम करती है। देश के किसी भी हिस्से में चाहे किसी भी दल की सरकार हो, वो उस हिस्से के हर नागरिक की सरकार होती है। और हर नागरिक का यह फ़र्ज़ है कि नीचा दिखा... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   8:56am 29 Apr 2020 #National
Blogger: Shah Nawaz
ना तो सारे मुसलमान जमाती होते हैं और ना ही हर जमाती को कोरोना हुआ है और ना ही जमाती जानबूझकर बीमार हुए हैं। जो गलती मैजमेंट से हुई हो उसकी सज़ा भी उनकी जगह बीमारों को नहीं दी जा सकती है, बल्कि बीमारों के साथ सहानुभूति होनी चाहिये। हालांकि जैसी गलती मरकज़ मैनजेमेंट से हुई, वैसी गलती कम हो या फिर ज़्यादा परंतु उस स... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   1:02pm 28 Apr 2020 #Social
Blogger: Shah Nawaz
गुजरात में कोरोना का कहर अचानक से बहुत तेज़ी से नज़र आ रहा है, 5 दिन पहले तक देश में छठे नंबर पर चल रहा गुजरात 2400 से ज़्यादा केसेस के साथ दिल्ली को पीछे करते हुए दूसरे नंबर पर आ गया है। हालांकि दिल्ली में कोरोना केसेस की संख्या इसलिए भी अधिक नज़र आती है, क्योंकि यहाँ दिल्ली से बाहर के केसेस ही अधिक हैं, दिल्ली के केसे... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   10:13am 23 Apr 2020 #National
Blogger: Shah Nawaz
इंसान अकेला ही इस दुनिया में आया है और अकेला ही जाएगा... एक मशहूर कहावत है कि "खाली हाथ आएं है और खाली हाथ जाना है।" फिर भी हम हर वक्त, इसी जुस्तजू में रहते हैं कि कैसे हमारा माल एक का दो और दो का चार हो जाएँ! जबकि सभी जानते हैं कि हम एक मुसाफिर भर हैं, और सफ़र भी ऐसा कि जिसकी हमने तमन्ना भी नहीं की थी। और यह भी पता नहीं... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   3:47pm 19 Apr 2020 #Social
Blogger: Shah Nawaz
मुसलमानों की आज की हालात के सबसे बड़े गुनाहगार अपने ज़ाती फायदे के लिए इमोशंस को भड़काकर टुकड़ों में बांटने वाले फ़िरको के दलाल हैं, या फिर अपने इमोशंस भड़काकर झूठ फैलाने वाले राजनैतिक दलाल हैं। इमोशनल तकरीरें देकर बेवकूफ बनाने वालों के चक्कर में पड़कर हमने सब को अपने से दूर कर लिया। आज कोई हमारा नाम नहीं लेना च... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   7:32am 18 Apr 2020 #Social
Blogger: Shah Nawaz
जापान पर अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराए जाने और ज़मीन पर कब्ज़ा करने के बाद जापानियों ने कब्जा छुड़वाने के लिए कोशिशें करने की जगह शिक्षा का 20 वर्षीय मॉडल तैयार किया। और उसका परिणाम यह हुआ कि 1971 आते-आते जापान तकनीक में इतना आगे निकल गया कि अमेरिका को स्वयं ही जापान के शहरों... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   9:56am 14 Apr 2020 #Samaj
Blogger: Shah Nawaz
मुसलमानों की आज की हालात के सबसे बड़े गुनाहगार अपने ज़ाती फायदे के लिए इमोशंस को भड़काकर टुकड़ों में बांटने वाले फ़िरको के दलाल हैं, या फिर अपने इमोशंस भड़काकर झूठ फैलाने वाले राजनैतिक दलाल हैं।इमोशनल तकरीरें देकर बेवकूफ बनाने वालों के चक्कर में पड़कर हमने सब को अपने से दूर ... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   11:32am 8 Apr 2020 #
Blogger: Shah Nawaz
बड़ी हैरत की बात है कि जो लोग ऑफिसों में डाइवर्सिटी के नाम पर महिलाओं के अधिकारों पर ज़ोर देते हैं, बराबरी की बाते करते हैं, इसके नाम पर बड़ी-बड़ी नीतियां बनाते हैं, आखिर वही लोग महिलाओं की ही तरह सदियों से दबे-कुचले और सामाजिक पिछड़ेपन का दंश झेल रहे लोगों को आरक्षण दिए जाने के खिलाफ क्यों हो जाते हैं? क्या ऑफिसो... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   1:38pm 15 Mar 2020 #Social
Blogger: Shah Nawaz
दिल्ली की केजरीवाल सरकार के लिए कोई भी विचार बनाने से पहले हमारे लिए यह जानना अति आवश्यक है कि दिल्ली सरकार के पास प्रशासनिक अधिकार नहीं है। दिल्ली में सर्विस मैटर मोदी सरकार ने 2014 में ही नोटिफिकेशन लाकर LG के अधीन कर दिया था, मतलब दिल्ली सरकार के किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की रिपोर्टिंग दिल्ली सरकार को नहीं ह... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   6:05am 2 Mar 2020 #Social
Blogger: Shah Nawaz
बलात्कार जैसी घटनाओं के लिए पुरुषों में "पुरुष" होने का दंभ भी एक कारण है। पुरुषों को बचपन से यह ही यह अहसास दिलाया जाता है कि वह पुरुष होने के कारण महिलाओं से अलग हैं, उनका होना ज्यादा अहमियत रखता है। अगर हम बचपन से बेटों को विशेष होने और लड़कियों को कमतर होने का अहसास कराना बंद कर दें तो स्थिति काफी हद तक सु... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   6:20am 8 Nov 2019 #Social
Blogger: Shah Nawaz
पर्यावरण की रक्षा पर दिल्ली ने दम दिखलाया है। बदलाव बड़ा लाने हेतु #OddEven अपनाया है। गर आज नहीं कोशिश होगी तो भविष्य तबाह हो जाएगा। आने वाली पीढ़ी को यह कर्ज़ा आज चुकाया है। जो कहते हैं कुछ नहीं होता, उन्हें दिल्ली राह दिखाएगी। आओ देखो दुनिया वालो बदलाव यहाँ पर आया है। सेहत वाली सांसों का सपना दिल्ली ने देख... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   4:37am 4 Nov 2019 #Poetry
Blogger: Shah Nawaz
इंसान अकेला ही इस दुनिया में आया है और अकेला ही जाएगा... एक मशहूर कहावत है कि "खाली हाथ आएं है और खाली हाथ जाना है।" फिर भी हम हर वक्त, इसी जुस्तजू में रहते हैं कि कैसे हमारा माल एक का दो और दो का चार हो जाएँ! जबकि सभी जानते हैं कि हम एक मुसाफिर भर हैं, और सफ़र भी ऐसा कि जिसकी हमने तमन्ना भी नहीं की थी। और यह भी पता नहीं... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   10:00am 1 Nov 2019 #Social
Blogger: Shah Nawaz
क्या हमारी महान मातृभाषा "हिन्दी" हमारे अपने ही देश हिंदुस्तान में रोज़गार के अवसरों में बाधक है? बोलनेवालों की संख्या के हिसाब से दुनिया की दूसरे नं॰ की भाषा "हिंदी" अगर अपने ही देश में रोज़गार के अवसरों में बाधक बनी हुई है तो इसका कारण हमारी सोच है. हम अपनी भाषा को उचित स्थान नहीं देते हैं अपितु अंग्रेजी जै... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   4:00am 18 Oct 2019 #Social
Blogger: Shah Nawaz
"लोकतंत्र कमज़ोर है, वोट खरीदे जाते है, बूथ कैप्चर किये जाते है, मतगणना मे धांधली करवाई जाती है, विधायक और सांसद खरीदे जाते है, पूंजीवादी व्यवस्था है, भ्रष्टाचार फैला हुआ है, व्यवस्था को हरगिज़ नहीं बदला जा सकता है" इत्यादि-इत्यादि.... यह सब लोकतंत्र के विरोध की कमज़ोर दलीलें बनी हुई हैं। जब लोग लोकतंत्र के विरोधी ... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   2:55pm 15 Oct 2019 #Politics
Blogger: Shah Nawaz
आज के मौजूं पर अदम गोंडवी साहब की कुछ मेरी पसंदीदा ग़ज़लें: आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे अपने शाहे-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे तालिबे शोहरत हैं कैसे भी मिले मिलती रहे आए दिन अख़बार में प्रतिभूति घोटाला रहे एक जनसेवक को दुनिया में अदम क्या चाहिए चार छ: चमचे रहें माइक रहे माला रहे - अदम गोंडवी हिन्‍... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   10:28am 13 Oct 2019 #Poem
Blogger: Shah Nawaz
यह तो है कि मैं यहाँ तन्हा नहीं तुझसे भी तो पर कोई रिश्ता नहीं तिश्नगी तो है मयस्सर आपकी जुस्तजू दिल में मगर रखता नहीं साज़िशों से जिसकी हों ना यारियां आज कोई भी बशर मिलता नहीं नफरतें इस दौर का तोहफा हुईं दिल किसी का भी यहाँ दुखता नहीं बन गया है मुल्क का जो हुक्मरां ज़ालिमों के साथ वो लड़ता नहीं इ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   4:32am 7 Oct 2019 #Poem
Blogger: Shah Nawaz
भय्या पत्नी की भी अजीब ही महिमा है। पता है कि आप कार्यालय में हैं, अब रोज़ ही जाते हैं तो वहीं होंगे। लेकिन श्रीमती जी का फोन पर एक ही सवाल होता है ‘कहां हो?’। अब बन्दा परेशान! हम भी चुटकी लेने के लिए बोल देते हैं कि ‘झुमरी तलैय्या में’! तो भड़क जाती हैं, ‘सीधे-सीधे नहीं कह सकते कि ऑफिस में हो’। अब श्रीमती जी जब पता ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   5:36am 4 Oct 2019 #Vyangya
Blogger: Shah Nawaz
विचारों में चाहे विरोधाभास हो, आस्था में चाहे विभिन्नताएं हो परन्तु मनुष्य को ऐसी वाणी बोलनी चाहिए कि बात के महत्त्व का पता चल सके। ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को सीतल करे, आपहुं सीतल होय॥ किसी ने सही कहा है कि अहम् को छोड़ कर मधुरता से सुवचन बोलें जाएँ तो जीवन का सच्चा सुख मिलता है। कभी अंहकार में त... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   6:26am 3 Oct 2019 #Social
Blogger: Shah Nawaz
महिला अधिकारों के हनन के अनेक कारण हो सकते हैं, पर मेरे हिसाब से महिलाओं में शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण की कमी इसके प्रमुख कारण हैं और इनसे भी बड़ा एक वजह है पौरुषीय दंभ। आइये इसी पर चर्चा करते हैं।... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   12:49pm 1 Oct 2019 #Social
Blogger: Shah Nawaz
प्यार की है फिर ज़रूरत दरमियाँहर तरफ हैं नफरतों की आँधियाँनफरतों में बांटकर हमको यहाँख़ुद वो पाते जा रहे हैं कुर्सियाँखुलके वो तो जी रहे हैं ज़िन्दगीनफ़रतें हैं बस हमारे दरमियाँजबसे देखा है उन्हें सजते हुएगिर रहीं हैं दिल पे मेरे बिजलियाँऔर मैं किसको बताओ क्या कहूँसबस... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   4:27am 12 Jul 2019 #Ghazal
Blogger: Shah Nawaz
"लोकतंत्र कमज़ोर है, वोट खरीदे जाते है, बूथ कैप्चर किये जाते है, मतगणना मे धांधली करवाई जाती है, विधायक और सांसद खरीदे जाते है, पूंजीवादी व्यवस्था है, भ्रष्टाचार फैला हुआ है, व्यवस्था को हरगिज़ नहीं बदला जा सकता है" इत्यादि-इत्यादि.... ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   7:23am 24 Jun 2019 #politics
Blogger: Shah Nawaz
आज के मौजूं पर अदम गोंडवी साहब की कुछ मेरी पसंदीदा ग़ज़लें: आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे अपने शाहे-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे तालिबे शोहरत हैं कैसे भी मिले मिलती रहे आए दिन अख़बार में प्रतिभूति घोटाला रहे एक जनसेवक को दुनिया में अदम क्या चाहिए चार छ: चमचे रहें माइक रहे माला रहे - अदम गोंडवी... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   9:37am 29 May 2019 #poem
Blogger: Shah Nawaz
महिला अधिकारों के हनन के अनेक कारण हो सकते हैं, पर मेरे हिसाब से महिलाओं में शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण की कमी इसके प्रमुख कारण हैं और इनसे भी बड़ा एक वजह है पौरुषीय दंभ। आइये इसी पर चर्चा करते हैं।... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   10:02am 27 May 2019 #Social, Tikhibat, Video, समाज
Blogger: Shah Nawaz
उल्फत में इस तरह से निखर जाएंगे एक दिन हम तेरी मौहब्बत में संवर जाएंगे एक दिन एक तेरा सहारा ही बहुत है मेरे लिए वर्ना तो मोतियों से बिखर जाएंगे एक दिन हमने बना लिया है मुश्किलों को ही मंज़िल... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   8:16am 23 May 2019 #
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