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मेरे दिल की बात : View Blog Posts
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मेरे दिल की बात

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मेरे दिल की बात...
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  September 2, 2016, 12:09 am
     शब्दों के तीर एक-दूसरे पर खूब चल रहे हैं . आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है . टेलीविजन चैनलों और अखबारों के पन्नों पर शब्दों की बाजीगरी और लांछन -प्रतिलांछनों का शोर इतना है कि सही-गलत की पहचान करना बहुत कठिन होता जा रहा है ,लेकिन थोड़ी कोशिश करें तो 'देशभक्तों 'और दे...
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  February 23, 2016, 12:18 am
हे राजन ! क्या झूठ और सच के भी कई रंग होते हैं ? किसी बात को झूठलाने के लिए ऐसा क्यों बोला जाता है कि यह सरासर 'सफेद झूठ'है ?  झूठ के लिए सिर्फ सफेद रंग का इस्तेमाल क्यों होता है ? क्या 'सफेद झूठ'के अलावा लाल,पीला ,नीला ,हरा या गुलाबी झूठ भी होता है ? अगर झूठ रंग-बिरंगा होता है ...
मेरे दिल की बात...
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  January 21, 2016, 11:57 pm
                                                    समरथ को नहीं दोष गोसाईं ,                                                    देश की दौ...
मेरे दिल की बात...
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  January 17, 2016, 12:00 am
                                                                                          एक अनबूझी पहेली,                     &n...
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  January 12, 2016, 12:09 am
हाय मेरे वतन के लोगों  , तुमने क्या कर डाला है ,कदम-कदम पर आज हर तरफ उनका बोलबाला है !चालें उनकी समझ न आयी हमको भी और तुमको भी इसीलिए तो गले में उनके फूलों की हर दिन माला है ! पहले तो समझा था हमने प्यार का वो महासागर हैं ,हमें क्या पता दिल में उनके नफरत का परनाला है !हर आफिस के...
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  January 7, 2016, 12:53 am
                                               कहाँ है क्या पता , उत्तर है लापता !                                                        प्...
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  January 6, 2016, 11:46 pm
कभी नज़र आता थानीला आकाश ,अब नज़र आते है खूंखार चेहरे !न जाने किसकी लगी नज़र झील के शांत स्वच्छ पानी को ,गुनगुनाती लहरों को ,हरे-भरे किनारों को ,वसंत की बहारों को !अब न पंछियों के गीत हैं ,न भौरों का संगीत ,बागों की तितलियाँ झील की मछलियाँ काँप रही भयभीत !मायावी शिकारी फेंक र...
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  January 6, 2016, 12:17 am
समय की स्याही से लिखे इतिहास के पन्ने सूखकर पीले पड़ जाते हैं और पतझर के पत्तों -सा झर जाते हैं !टेप काण्ड हो या रेप काण्ड .उनका भी हमेशा यही हश्र हुआ है और आगे भी होना है जनता की किस्मत में रोना ही रोना है . बयानवीरों के शोर में डूबकर खो जाती है दरिंदों के पंजों में दबे कुचल...
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  January 5, 2016, 12:07 am
                                            चोर-चोर  सब  मौसेरे भाई                                            भ्रष्टाचार की  खूब कमाई .!       &nbs...
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  January 3, 2016, 12:35 am
                                                                                  उल्टा चोर कोतवाल को डांटे                          ...
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  January 1, 2016, 11:13 pm
 आधुनिक 'संतों'को हमेशा 'सीकरी'में ही डोलते -मंडराते देखा जाता है । नये जमाने की 'सीकरियों 'में हमेशा उनका ही जमावड़ा बना रहता है , जबकि मुग़ल सम्राट अकबर ने कवि कुंभनदास को जब अपनी राजधानी फतेहपुर सीकरी (सन 1570-1585 ईस्वी ) में आमंत्रित किया , तो कवि की आत्मा कह उठी-''संतन को कह...
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  December 31, 2015, 11:28 pm
                                                                                                                   --स्वराज...
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  January 26, 2015, 11:48 pm
  कुछ लोगों के लिए   छुट्टी मनाने का   और बहुतों के लिए हमेशा की तरह ...  काम करने का दिन .  रविवार कुछ लोग सुबह उठते हैं  देर से आराम के साथ , वहीं अलसुबह मोहल्ले की चाय  दुकान में चूल्हा सुलगाने   पहुँच जाते हैं मंगलू और उसका दस साल का बेटा ,  सुबह चार बजे से नुक्...
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  December 21, 2014, 12:48 pm
  नए जमाने की नयी तकनीकों  से जहां इंसान की ज़िन्दगी काफी सहज-सरल और सुविधाजनक होती जा रही है, वहीं   प्रौद्योगिकी के नए -नए औजार   हमारे जीवन और हमारी संस्कृति की बहुत -सी चीजों को हमसे दूर करते जा रहे हैं .लगता है -टेक्नोलॉजी हमारी गुलाम नहीं ,बल्कि हम टेक्नोलॉजी ...
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  December 1, 2014, 12:04 am
  डोनेशनखोर शिक्षा माफिया गिरोह के सदस्य  बहुत खुश होंगे .क्यों न हों ? दिल्ली में उनके पक्ष में फैसला जो आया है ! इस फैसले के अनुसार प्रायवेट नर्सरी स्कूलों में मासूम बच्चों के दाखिले के लिए फार्मूला वह खुद बनाएंगे ,सरकार इसमें कोई दखल नहीं दे पाएगी . जनता की निर्वा...
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  November 28, 2014, 11:31 pm
                         अगर चाहते हो जानें सब धन है कितना काला ,                         सबसे पहले खोलो   बैंक में हर लॉकर का ताला !                         समझदार को इशारा का...
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  November 27, 2014, 10:38 pm
                                     समय  की बुरी नज़र से  बेहद डर लगता है ,                                     भीड़ भरे इस शहर से बेहद डर लगता है !              &n...
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  November 21, 2014, 12:09 am
      .    हमारे शहर में पिछले एक साल से आवारा कुत्तों का भयानक आतंक है  कुछ फैशनेबल पशु-प्रेमियों के चलते उनके  हौसले बुलंद होते जा रहे हैं .  होटलों और मांस-मछली विक्रेताओं के ठेलों के आस -पास  जूठन की लालच में इनके झुण्ड के झुण्ड घूमते रहते हैं  . शहर के ...
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  November 20, 2014, 12:16 am
         भ्रष्टाचार और काला धन दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं . दोनों एक-दूजे के लिए ही बने हैं और एक-दूजे के फलने-फूलने के लिए ज़मीन तैयार करते रहते हैं . यह कहना भी गलत नहीं होगा कि दोनों एकदम सगे मौसेरे भाई हैं. भ्रष्टाचार से अर्जित करोड़ों-अरबों -खरबों की दौलत को छुप...
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  November 18, 2014, 12:13 am
अभी हिटलर को मरे सौ साल भी नहीं हुए ,लेकिन लगता है कि मानवता का यह भयानक दुश्मन अपने नये -नये रूप में आज भी दुनिया के हर देश में जिंदा है. दैनिक 'भास्कर 'में  आज छपी दिल दहला देने वाली इस खबर से हिटलर के नये दानवी अवतारों के इस दुनिया में जीवित होने की पुष्टि हो जाती है. ...
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  November 9, 2014, 6:47 pm
       आंचलिक  साहित्य के शोधकर्ताओं की मानें तो पाण्डेय बंशीधर शर्मा रचित 'हीरू के कहिनी' . छत्तीसगढी भाषा का पहला उपन्यास  है. इसका प्रथम प्रकाशन सन् 1926 में हुआ था .दूसरा संस्करण 74 साल बाद सन् 2000 में  छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय रायगढ़ में प्रकाशित हुआ . यानी आ...
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  November 8, 2014, 2:23 pm
                                                  संगीत की अपनी भाषा होती है ,जो दुनिया के हर इंसान के दिल को छू जाती है और चाहे कोई देश-प्रदेश हो या विदेश,  कहीं का भी संगीत , कहीं के भी इंसान को सहज ही अपनी ओर आ...
मेरे दिल की बात...
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  November 7, 2014, 10:09 pm
          आधुनिक भारतीय समाज में यह आम धारणा है कि इंसान को अपनी कमाई बैंकों में जमा करने के बजाय ज़मीन में निवेश  करना चाहिए . कई लोग ज़मीन खरीदने में पूँजी लगाने को बैंकों में  'फिक्स्ड  डिपौजिट'करने जैसा मानते हैं . यह भी आम धारणा है कि सोना खरीदने से ज्याद...
मेरे दिल की बात...
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  November 4, 2014, 10:24 am
भारत के हर प्रदेश में खान-पान की अपनी विशेषताएं होती हैं .छत्तीसगढ़ भी देश का ऐसा राज्य है ,जहां रसोई की अपनी विशेष विधाएं और खूबियाँ हैं . भोजन का स्वाद बढ़ाने में चटनी का अपना महत्वपूर्ण योगदान होता है .   अड़तालिस पेज की इस छोटी - सी पुस्तिका में आचार्य डॉ. दशरथ लाल निष...
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  October 31, 2014, 8:19 am
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