प्रश्न कठिन नहीं परन्तु उत्तर देना आसन भी नहीं ..गत रात्रि दफ्तर से घर लौटा तो घर की दीवालें प्रश्न कर हीं बैठीं ....."आज भी अकेले घर आये हो , कहाँ गए वो लोग जो तुम्हरे इर्द-ग्रीद हुआ करते थे? "अन्न्यास इस प्रश्न पर मै आश्चर्यचकित था.सोफे में धस कर बैठना मेरे हताशा का प्रतीत था....