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Sahitya Surbhi

देखना खुद से होता है सुना दूसरों को जाता है दूसरे क्या सुनाते हैं आपको क्या सुनने को करते हैं विवश यह हाथ में नहीं आपके बहुत से शकुनीबहुत से दुर्योधन बहुत से धृतराष्ट्रअक्सर इतना शोर मचाते हैं कि दब जाती  है आवाज़ न सिर्फ़ भीष्मों की विदुरों क...
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  March 24, 2015, 7:22 pm
कुछ आदत थी, कुछ मजबूरी है खामोशी मेरे लिए जरूरी है । उम्मीदें टूटती हैं यहाँ अक्सरख्बाव होंगे सच, उम्मीद पूरी है । बिक रहा है वो कौड़ियों के मोल आदमी की चमक तो कोहेनूरी है । रिश्तों में कुछ फर्क नहीं पड़ता धरती - चाँद में कितनी दूरी है । देर - सवेर नुक्सान उठाए...
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  March 18, 2015, 8:34 pm
इस देश महान का, हुआ है ये हाल कहीं पर है दंगा, कहीं पर हड़ताल । रोशनी की बजाए घर जलाने लगा जिसके भी हाथों दी हमने मशाल । मुद्दों का कभी कोई हल नहीं निकला आयोग बैठे , हुई जाँच-पड़ताल । शर्मो-हया का जिक्र क्यों करते हो सफेद हो गया है, लहू न रहा लाल । तमाशा बन गया है य...
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  March 11, 2015, 8:38 pm
सदा नहीं रहता ये खुशगवार मौसम खुशियों पर हावी हो ही जाते हैं गम । हालात बदलते कितनी देर लगे है आई महूबब की याद, हुई आँख नम । दिल टूटे, चाहे रुसवा हो मुहब्बत कब किसी की सुने, ये वक्त बेरहम । दोस्ती की अहमियत नहीं रही जब यहाँ क्या अहमियत रखेगी लोगों की कसम । नफर...
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  March 4, 2015, 6:51 pm
मझधार ही मझधार हैं, कोई किनारा नहीं मतलबपरस्त दुनिया में, मिलता सहारा नहीं । वो तो कब के भूल चुके हैं कसमें वफ़ा की  याद करवाऊँ उन्हें, ये मुझे गवारा नहीं । हैवानों की दुनिया में न जाने कब हार जाऊँ अभी तक तो शराफत का लिबास उतारा नहीं । जी चाहता है, मस्त रहूँ बस अ...
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  February 25, 2015, 5:58 pm
जब तक रहेंगी नफ़रतें इस जहां में लुटती रहेंगी लोगों की मुहब्बतें । इंसां को न वो पूछते हैं, न हम बस सब कुछ होती जा रही सरहदें । न छटा अगर साया स्याह रात का कैसे सजेंगी खुशियों भरी महफ़िलें । मातम मनाते हैं मगर करते कुछ नहीं यूँ तो न लेगा कभी बुरा वक्त करव...
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  February 18, 2015, 6:51 pm
मेरी हार की बात मुझे याद दिलाते रहे लोग आकर पास मेरे कहकहे लगाते रहे । सोचा था, छोड़ दूँ उसकी याद में पीना मगर यादों के साए मै-कदे तक लाते रहे । हमदर्दी जताने आए थे, उन्हें रोकता कैसे वो इसी बहाने मेरे जख्मों को सहलाते रहे । टूटे दिल ने कहा, क्या है जिंदगी के सफ़र म...
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  February 11, 2015, 5:32 pm
अनोखे लाल जी को तो आप जानते ही होंगे ? क्या कहा !! नहीं जानते ? आप भी कमाल करते हैं। आपके शहर में, आपके मोहल्ले की आप वाली गली में, आपके घर के पास ही उनका घर है। रोज सुब्ह-शाम दुआ-सलाम भी होती है आपकी उनसे, फिर भी आप कहते हैं कि आप उन्हें जानते नहीं !!                      अ...
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  February 4, 2015, 6:26 pm
सजी दुल्हन-सी धरा, फूलों का श्रृंगार हैभँवरे गुनगुनाने लगे, आई बहार है ।हर पल मुस्करा रहानया तराना गा रहाजीवन बेल पर देखये खुशियाँ सजा रहाझूम उठा है तन-मन, छाया खुमार है ।खुशनुमा मौसम हुआज़िन्दगी का लो मजासाकार हुई लगतीइक खूबसूरत दुआनाचो, जश्न मनाओ तुम, मिला उपहार है ।&...
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  January 24, 2015, 10:39 am
लगते हैं अब तुम्हें जो दोस्त बहुत प्यारे सच बोलोगे तो दुश्मन हो जाएँगे सारे । हालातों को बदलने के लिए कुछ करना होगा आख़िर कब तक जीएँगे मुकद्दर के सहारे । कितना दुश्वार है जीना, ये उनसे पूछो वहशियत ने छीन लिए जिनकी आँख के तारे । बातें छोड़ो, मुहब्बत से खोखली ...
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  January 5, 2015, 7:19 pm
ख़ूबसूरत बनी कहानी हैचढ़ गई आग-सी जवानी है ।मैं जुबां पर यकीं न कर पाऊँबात दिल की उसे बतानी है ।इश्क़ ही हल मिला मुझे इसकाज़िन्दगी दाँव पर लगानी है ।प्यार बरसे दुआ यही माँगीनफ़रतों की अगन बुझानी है ।आँख के सामने उसे पायाजब किया इश्क़, याद आनी है ।बस हमें सीखना इसे जीनाज...
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  December 28, 2014, 12:20 pm
ये दर्द अगर दवा बन जाता तो तू मेरा ख़ुदा बन जाता | है मन्दिर-मस्जिद के झगड़ेकाश ! हर-सू मैकदा बन जाता | सीखा होता अगर वक्त से कुछ इतिहास कभी नया बन जाता | अगर वफ़ा की अहमियत होती फिर हर कोई बा-वफ़ा बन जाता | ख़ुश रहना अगर आसां होता तो यह सबका फलसफ़ा बन जाता | तुम 'विर्क'...
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  December 24, 2014, 2:49 pm
आकाश देता है निमन्त्रण हर किसी को अपने पास आने का अगर सुन सको तो अँधेरे तहखानों से भी निकलते हैं रास्ते बाहर की दुनिया के अगर देख सको तो जागोउठाओ कदम दृढ़ विश्वास के साथ बढ़ो मंज़िल की ओरवक्त खुद सीढ़ी बनेगा तुम्हें शिखर तक ले जाने के लिए दिलबाग विर्क&...
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  December 16, 2014, 6:41 pm
वो बातें मुहब्बत की सुनाता रहा मैं बैठा अपने जख़्म सहलाता रहा । मुझे  गवारा न था सामने से हटना वो बार-बार निशाना आज़माता रहा । कितनी जालिम होती है ये याद भी इसका वजूद मेरी नींद उड़ाता रहा । इस दिल का क्या करें, ये कहे उसे अपना जो शख्स जख़्म देकर मुस्कराता रह...
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  December 10, 2014, 5:04 pm
कोई भी द्रोणाचार्य किसी को अर्जुन नहीं बना सकता हाँ कोई अर्जुन किसी द्रोणाचार्य को अमर जरूर कर सकता है यह प्रश्नचिह्न नहीं है किसी द्रोणाचार्य की योग्यता पर किसी द्रोणाचार्य के ज्ञान पर यह तो वास्तविकता है दरअसल ज्ञान देने की चीज़ नहीं ज्...
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  December 1, 2014, 5:23 pm
राम भरोसे चल रहा, मेरा भारत देश इसे लुटेरे लूटते, धर साधू का वेश। धर साधू का वेश, सभी ने भरी तिजौरी ठग, भ्रष्ट और चोर, करें हैं सीनाज़ोरी । कहता सबसे 'विर्क ', कौन अब किसको कोसे भारत देश महान, चले है राम भरोसे । दिलबाग विर्क *****...
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  November 22, 2014, 5:02 pm
बड़ी उलझन है, बड़ी मुश्किल है सीने  में  बैठा  दिल  पागल  है । बेगानों  से  बढ़कर  हैं  अपने खामोश रहो, फ़िज़ा बोझिल है । जिसे भुलाना है, उसी को सोचूँ फिर पूछूँ, क्यों वो याद हर पल है ?मुहब्बत की राह आसां तो नहीं यहाँ बेवफ़ाइयों की दलदल है । लोगों जैसा सम...
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  November 19, 2014, 6:39 pm
हो सके तो तुम भूल जाना उन्हें सपनों में ख़ुदा माना था जिन्हें । जिधर से आई है ये रेत ग़म की उधर जाने की कौन कहे तुम्हें । भूल जाओ ग़म का हर फ़साना मुस्कराना सदा, याद कर हसीं लम्हें । उफनता सागर जाने क्या करेगा आओ दिल को चुप रहने की कहें । अश्कों के कारवां को बुल...
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  November 12, 2014, 6:07 pm
दिलों को दीपमालाएँ लुभाती हैं दिवाली में जमीं को देख परियाँ मुस्कराती हैं दिवाली में |जरूरी हार इनकी, ये अँधेरे हार जाते हैं शमाएँ मिल असर अपना दिखाती हैं दिवाली में |मजे से ज़िंदगी जीना कभी तुम सीखना इनसे जवां दिल की उमंगें गीत गाती हैं दिवाली में |यही सच, दौर क...
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  November 4, 2014, 6:30 pm
बेवफाई  तेरी  का  ये  अंजाम  है गूँजता महफ़िलों में, मेरा नाम है । क्या मिला पूछते हो, सुनो तुम जरा इश्क़ का अश्क़ औ'दर्द ईनाम है । लो, कई चेहरों से उठेगा नक़ाब आ गया अब मेरे हाथ में जाम है । हर तरफ दौर है नफरतों का यहाँ प्यार का लाज़मी आज पैगाम है । बात कहना म...
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  October 23, 2014, 10:03 pm
गुनाहों की दास्तां बन चुकी है खबर भीजो चुप रहा अब तो रोएगा अब्र भी ।सच कहना है मुझे बुलंद आवाज मेंइसके लिए मंजूर है मुझको जहर भी ।कत्ल आदमियत का रोज कर रहे हैं लोगशामिल हैं इसमें सब, गाँव भी, शहर भी ।फैसले काइंतजारतुम्हें क्योंकर हैमुजरिम के हक में है मुंसिफ भी, सद्र भी ।...
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  August 7, 2013, 7:37 pm
                 दर्द देगी यहाँ साफगोई सदा                सीख लो बात को तुम घुमाना जरा ।                        तुम गलत मानते, बात ये और है                जो लगा ठीक मुझको वही तो कहा ।               है वहीं, ढूँढना आदमी में उसे       ...
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  August 2, 2013, 7:16 pm
साफ दिल है और सीधी बात करता हूँमुझे तेरे शहर की तहजीबनहीं आती ।*********...
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  August 1, 2013, 5:13 pm
अगर तलवार के हक़ में हो जाऊँ तो मुझे माफ करनाकलम को हर रोज हारते देखकर बहुत बेचैन हूँ मैं ।*******...
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  July 30, 2013, 7:00 pm
कहकहों का शोर आज फिर गूँजा फिजा में यारो किसी ने दिल तोड़ा है या कोई दर्द छुपा रहा है ।********...
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  July 29, 2013, 7:57 pm
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