Hamarivani.com

उच्चारण

जनता ने युवराज को, फिर से दिया नकार।जोर-शोर से आ गयी, मोदी की सरकार।।काँगरेस के जब तलक, पप्पू हैं अध्यक्ष।सबल नहीं होगा कभी, काँगरेस का पक्ष।।जनता जिसको चाहती, उसको मिलता ताज।जिसमें हो गम्भीरता, वो ही करता राज।।जिसका होता देश में, पाक-साफ किरदार।सत्ता-शासन का वही, होता ...
Tag :मोदी की सरकार
  May 25, 2019, 6:19 am
जो शिव-शंकर को भाती है बेल वही तो कहलाती है  तापमान जब बढ़ता जाता पारा ऊपर चढ़ता जाता अनल भास्कर जब बरसाता लू से तन-मन जलता जाता  तब पेड़ों पर पकती बेल गर्मी को कर देती फेल इस फल की है महिमा न्यारी गूदा इसका है गुणकारी  पानी में कुछ देर भिगाओ घोट...
Tag :शिव-शंकर को प्यारी बेल
  May 24, 2019, 7:47 am
कहीं किसी भी हाट में, बिकती नहीं तमीज।वैसा ही पौधा उगे, जैसा बोते बीज।।करके सभी प्रयास अब, लोग गये हैं हार।काशी में अब भी बहे, पतित-पावनी धार।।पूरी ताकत को लगा, चला रहे पतवार।लेकिन नहीं विपक्ष की, नाव लग रही पार।।कृपण बने खुद के लिए, किया महल तैयार।अपशब्दों की वो करें, रो...
Tag :बिकती नहीं तमीज
  May 23, 2019, 5:00 am
खुदा की आजकल, सच्ची इबादत कौन करता हैबिना मतलब ज़ईफों से, मुहब्बत कौन करता हैशहादत दी जिन्होंने, देश को आज़ाद करने को,मगर उनकी मज़ारों पर, इनायत कौन करता हैसियासत में फक़त है, वोट का रिश्ता रियाया सेयहाँ मज़लूम लोगों की, हिमायत कौन करता हैमिला ओहदा उज़ागर हो गयी, करतूत अ...
Tag :कवायद कौन करता है
  May 22, 2019, 6:24 am
जीवन की हकीकत का, इतना सा है फसानाखुद ही जुटाना पड़ता, दुनिया में आबोदानासुख के सभी हैं साथी, दुख का कोई न संगीरोते हैं जब अकेले, हँसता है कुल जमानाघर की तलाश में ही, दर-दर भटक रहे हैंखानाबदोश का तो, होता नहीं ठिकानाअपना नहीं बनाया, कोई भी आशियानालेकिन लगा रहे हैं, वो रोज श...
Tag :ग़ज़ल
  May 21, 2019, 6:21 am
आम पिलपिले हो भले, देते हैं आनन्द।उन्हें चूसने में मिले, लोगों को मकरन्द।।--निर्वाचन तक ही रहें, आम दिलों में खास।लेकिन उसके बाद में, आती पुनः खटास।।--डाल-पाल के आम में, जब तक भरी मिठास।तब तक रहती आम से, नातेदारी खास।।--आम-खास के खेल में, आम गया है हार।आम खास की कर रहा,...
Tag :दोहे
  May 20, 2019, 6:20 pm
है बदरी-केदार की, महिमा अपरम्पार। मोदी मन्नत माँगने, आये  हर के द्वार।।सारी बाधायें हरो, हे बदरी-केदार।सिंहासन की नाव को, लगा दीजिए पार।।निष्कण्टक शासन करूँ, राह करो आसान।भोले बाबा भक्त को, दे देना वरदान।। जी.यस.टी. की भूल को, माफ करो भगवान।नोटों की बन्दी नहीं, होगी अब ...
Tag :दोहे
  May 19, 2019, 11:15 am
ओछी हरकत वो करें, जिनके टेढ़े कान।कहने को इंसान हैं, लेकिन हैं हैवान।।पक्षपात से पूर्ण हैं, सरकारी आदेश।आज हमारे देश में, हिंसा का परिवेश।।बने हुए आयोग हैं, पक्षपात के धाम।जो भी शासक चाहता, होते वो ही काम।।सत्ता के अनुकूल हैं, सरकारी आयोग।दफ्तर में मिलता नहीं, नि...
Tag :हिंसा का परिवेश
  May 18, 2019, 5:30 am
जो ले जाये जो लक्ष्य तक, वो पथ होता शुद्ध।भारत तुम्हें पुकारता, आओ गौतम बुद्ध।।बोधि वृक्ष की छाँव में, मिला बुद्ध को ज्ञान।अन्तर्मन से छँट गया, तम का सब अज्ञान।।सुत-दारा को छोड़कर, वन में किया निवास। राज-पाट सिद्धार्थ को, कभी न आया रास।।जिसका अन्तःकरण हो, सभी तरह से शुद्...
Tag :दोहे
  May 17, 2019, 6:30 am
महक रहा है मन का आँगन,दबी हुई कस्तूरी होगी।दिल की बात नहीं कह पाये,कुछ तो बात जरूरी होगी।।सूरज-चन्दा जगमग करते,नीचे धरती, ऊपर अम्बर।आशाओं पर टिकी ज़िन्दग़ी,अरमानों का भरा समन्दर।कैसे जाये श्रमिक वहाँ पर,जहाँ न कुछ मजदूरी होगी।कुछ तो बात जरूरी होगी।।मुट्ठी में है सार...
Tag :चलने से कम दूरी होगी
  May 16, 2019, 7:49 am
सबको परखा आज तक, देखी सबकी रीत।मतगणना के बाद में, गई भाड़ में प्रीत।।--बातें बहुत लुभावनी, नहीं इरादे नेक।मछुआरों ने ताल में, जाल दिया है फेंक।।--सब अपने को कर रहे, सच्चा सेवक सिद्ध।देश नोचने के लिए, मँडराते हैं गिद्ध।।--सबको अपनी ही पड़ी, जाय भाड़ में देश।जनता क...
Tag :दोहे
  May 15, 2019, 7:17 am
आरोपों की हो जहाँ, भाषण में बरसात।राजनीति के खेल में, वहाँ न होती मात।।--शह पर शह पड़ती बहुत, चलते फिर भी चाल।क्रोधित होकर नोंचते, नेता सिर के बाल।।--दल-दल में सब हैं फँसे, गिरवीं बुद्धि-विवेक।मतलब पड़ने पर हुए, सारे बैरी एक।।--बैरी की करतूत पर, होते पीले-लाल।लेकिन कभी न खून ...
Tag :दोहे
  May 14, 2019, 12:36 pm
जब सूरज यौवन में भरकरअनल धरा पर बरसाता है।लाल अँगारा रूप बनाकर,तब गुलमोहर लुभाता है।।मुस्काता है सौम्य सन्त सा,कुदरत की क्या माया है।खुद गरमी को खाकर देता,सबको शीतल छाया है।थका मुसाफिर इस छाया में,थोड़ा समय बिताता है।लाल अँगारा रूप बनाकर,तब गुलमोहर लुभाता ...
Tag :गुलमोहर लुभाता है
  May 13, 2019, 6:00 am
प्रतिदिन माता दिवस है, रोज करो गुणगान।प्रतिदिन होना चाहिए, माता का सम्मान।।--ममता का पर्याय है, जग में माँ का नाम।माँ की पूजा से मिलें, हमको चारों धाम।।--होता है धन-माल से, कोई नहीं सनाथ।सिर पर होना चाहिए, माता जी का हाथ।।--सुख-दुख दोनों में रहे, कोमल और उदार।कैसी भी सन्तान ...
Tag :माता का सम्मान
  May 11, 2019, 5:42 pm
मातृदिवस पर विशेष--जो बच्चों को जीवन के, कर्म सदा सिखलाती है। ममता जिसके भीतर होती, माता वही कहाती है--माँ ने वाणी को उच्चारण का ढंग बतलाया है,माता ने मुझको धरती पर चलना सिखलाया है,खुद गीले बिस्तर में सोई, मुझे सुलाया सूखे में,माँ के उर में ममता का व्याकरण समाया है।...
Tag :गद्य-पद्य
  May 11, 2019, 6:43 am
“हँसता गाता बचपन”की भूमिका औरशीर्षक गीतहँसता-खिलता जैसा,इन प्यारे सुमनों का मन है।गुब्बारों सा नाजुक,सारे बच्चों का जीवन है।।नन्हें-मुन्नों के मन को,मत ठेस कभी पहुँचाना।नित्यप्रति कोमल पौधों पर,स्नेह-सुधा बरसाना ।।ये कोरे कागज के जैसे,होते भोले-भाले।इन नटखट गुड्...
Tag :हँसता गाता बचपन की भूमिका
  May 10, 2019, 3:38 pm
 वातावरण चुनाव का, वैमनस्य का रोग। किसे वोट दें या न दें, असमंजस में लोग।।--लोकतन्त्र के खेल में, सभी चाहते जीत।राजनीति में बन गये, सर्प-नेवले मीत।।--गधे राजसी हों भले, या विपक्ष के बैल।जंगल के परिवेश में, सबके मन में मैल।।--झूठ और छल-कपट से, मिल जाये बस वोट।दल-दल की इस ...
Tag :सर्प-नेवले मीत
  May 9, 2019, 4:26 pm
रोज चोला नया बदलते हैं।फिर नयी अंजुमन में चलते हैं।।कभी पत्तों के रँग में ढल जाते, कभी शाखों के रँग के हो जाते,लोग गिरगिट की तरह से अपने, रंग पल-पल यहाँ बदलते हैं।फिर नयी अंजुमन में चलते हैं।।कल जहाँ पर चखी मलाई थी, घूस सौदों में जम के खाई थी,किन्तु जब से बदल गई बोतल,&nb...
Tag :रंग पल-पल यहाँ बदलते हैं
  May 8, 2019, 7:43 am
समीक्षा-सकारात्मक एवं अर्थपूर्ण सूक्तियाँ(समीक्षक डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)        मुझे आज डाक से हीरो वाधवानी कृत“सकारात्मक अर्थपूर्णसूक्तियों”की कृति मिली। जिसे पढ़कर मुझे अलौकिक अनुभूति हुई। मैंने अब तक गद्य-पद्य की सैकड़ों कृतियों पर अपने विचा...
Tag :समीक्षा
  May 7, 2019, 5:50 pm
मिट्टी के लड़डू मिले, कंकड़ वाली दाल। शुद्ध पेय जल के बिना, जीना हुआ मुहाल।।--दाँव-पेंच के खेल में, पग-पग पर हैं जाल।करें आचमन अब कहाँ, गंगा है बदहाल।।--वचनबद्ध कोई नहीं, दावों में है खोट।साम-दाम, छल-छद्म से, हाँसिल करते वोट।।--मतलब के कारण हुए, साँप-नेवले साथ।बने हुए ह...
Tag :दोहे
  May 6, 2019, 4:37 pm
सूरज ने है रूप दिखाया।गर्मी ने तन-मन झुलसाया।।धरती जलती तापमान से।आग बरसती आसमान से।।लेकिन है भगवान कृपालू।सबका रखता ध्यान दयालू।।कुदरत ने फल उपजाये हैं।जो सबके मन को भाये हैं।।सूखी नदियों की रेती है।लेकिन उनमें भी खेती है।।ककड़ी-खीरा, खरबूजा हैं।और रसीले तरबू...
Tag :बालकविता
  May 5, 2019, 7:24 am
वक्र जलेबी की तरह, होते हैं कुछ लोग।जो ललचाते हैं सदा, जैसे मोहन-भोग।।जिनके मन में कलुषता, तन में भरी मिठास।ऐसे लोगों पर कभी, मत करना विश्वास।।कुटिल व्यक्तियों का रहा, अब तक का इतिहास।अपने मतलब के लिए, बन जाते वो खास।।कारक है सन्ताप का, प्रेम-प्रीत अतिरेक।रखिए अ...
Tag :मत करना विश्वास
  May 4, 2019, 3:12 pm
“नन्हे-मुन्ने”(बालमन की सरल अभिव्यक्ति)     बचपन में गुरुकुल हरिद्वार में पढ़ता था। यदा-कदा सहपाठी ब्रह्मचारियों के साथ बाजार में भी जाना पड़ता था। तब मैं किताबों की दुकान पर जरूर जाता था और घर से मिले अपने निजी खर्च में से कंजूसी करके पुस्तक खरीद लेता था। तब...
Tag :बालगीतों की पुस्तक
  May 2, 2019, 6:17 pm
युगों-युगों से सुन रहा, युग वीणा झंकार।अब माला के साथ माँ, भाला भी लो धार।।--माँ तुम हो करुणामयी, करती हो उपकार।भाला लेकर कीजिए, दुष्टों का संहार।।--माँ की ममता का नहीं, जग में बना विकल्प।लेकिन आदर-भाव का, मन में हो संकल्प।।--शक्तिस्वरूपा हो तुम्हीं, तुम्हीं ज्ञान का ...
Tag :वन्दना
  May 2, 2019, 7:45 am
चरैवेति है ज़िन्दग़ी, रुकना तो हैं मौत।सड़ जाता जल धाम भी, जब थम जाता स्रोत।।--हरे-भरे हों पेड़ सब, छाया दें घनघोर।उपवन में हँसते सुमन, सबको करें विभोर।।--सरल सुभाव अगर नहीं, धर्म-कर्म सब व्यर्थ।वक्र स्वभाव मनुष्य का, करता सदा अनर्थ।।--जीवन के पर्याय हैं, झगड़े-झंझावात...
Tag :दोहे
  May 1, 2019, 7:27 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3875) कुल पोस्ट (188715)