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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दुनिया में देखे बहुत, हमने जहाँपनाह।उल्लू की होती जिन्हें, कदम-कदम पर चाह।।--उल्लू करते हों जहाँ, सत्ता पर अधिकार।समझो वहाँ समाज का, होगा बण्टाधार।।--खोज रहें हों घूस के, उल्लू जहाँ उपाय।फिर ऐसी सरकार में, कैसे होगा न्याय।।-- दिनभर जो सोता रहे, जागे पूरी रात।वो मानव की ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Nov 2019 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जन्मदिवस चाचा नेहरू का, बच्चों भूल न जाना।ठाठ-बाट को छोड़ हमेशा, सादा जीवन अपनाना।।--नित्य-नियम से सदा सींचना, बगिया की फुलवारी।मत-मजहब के गुलदस्ते सी, वसुन्धरा है प्यारी।अपनी इस पावन धरती पर, वैमनस्य मत उपजाना। ठाठ-बाट को छोड़ हमेशा, सादा जीवन अपनाना।।--... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   7:17am 13 Nov 2019 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--है नशा चढ़ा हुआ, खुमार ही खुमार है।तन-बदन में आज तो, चढ़ा हुआ बुखार है।।--मुश्किलों में हैं सभी, फिर भी धुन में मस्त है,ताप के प्रकोप से, आज सभी ग्रस्त हैं,आन-बान, शान-दान, स्वार्थ में शुमार है।तन-बदन में आज तो, चढ़ा हुआ बुखार है।।--हो गये उलट-पलट, वायदे समाज के,दीमकों ने च... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   8:30pm 12 Nov 2019 #चढ़ा हुआ बुखार है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
समय का फेर(संस्मरण)       आज से 55 साल पहले की बात है। उस समय मेरी आयु 14-15 साल की रही होगी। मैं तब उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में रहता था। उस समय यातायात का साधन रेलगाड़ी या बैलगाड़ी, घोड़ा गाड़ी और साइकिल ही थी। उस समय ट्रैक्टर भी नहीं थे। हमारे शहर से सबसे नजदीक सो... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   12:28am 12 Nov 2019 #संस्मरण
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खींचातानी में हुआ, मोह आपसी भंग। नूरा-कुश्ती देखकर, लोग रह गये दंग।।--राजनीति का देश में, इतना बढ़ा खुमार।सत्ता पाने के लिए, होती मारामार।।--दशकों से दोनों रहे, सुख-दुख में थे साथ।लेकिन कुरसी के लिए, छोड़ दिया अब हाथ।।--नेक-नीति के साथ में, दोनों लड़े चुनाव।लेकिन डूबी स्व... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   11:56am 11 Nov 2019 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कातिक की है पूर्णिमा, सजे हुए हैं घाट।सरिताओं के रेत में, मेला लगा विराट।।--एक साल में एक दिन, आता है त्यौहार।बहते निर्मल-नीर में, डुबकी लेना मार।।--गंगा तट पर आज तो, उमड़ी भारी भीड़।लगे अनेकों हैं यहाँ, छोटे-छोटे नीड़।।--खिचड़ी गंगा घाट पर, लोग पकाते आज।जितने भी आये यहाँ, ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   8:00pm 10 Nov 2019 #गुरु नानक जयन्ती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--न्याय मिला श्री राम को, न्यायालय से आज।अब मन्दिर निर्माण का, पूरा होगा काज।।-- दोनें पक्षों को मिला, उनका अब अधिकार।मन्दिर-मस्जिद को दिया, धरती का उपहार।।-- भव्य बने मन्दिर वहाँ, मस्जिद आलीशान।अलग-अलग भू पर बने, पूजा-सदन महान।। --धर्मों के दरम्यान में, कभी न हो तकरार... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--न्यायालय तो साक्ष्य पर, करता सोच-विचार।आये जो भी फैसला, करो उसे स्वीकार।।--देते हैं सन्देश ये, गीता और कुरान।आपस में लड़ते नहीं, राम और रहमान।।--नहीं किसी की हार है, नहीं किसी की जीत।सत्य-तथ्य से है बँधा, होता काल-अतीत।।--सारी दुनिया जानती, भारत के थे राम।मचा हुआ फिर किसलि... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   2:01am 9 Nov 2019 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जिस बालक का ईश पर, था अनुराग अनन्य।उस नानक के जन्म से, देश हो गया धन्य।।--जाते हैं करतारपुर, जत्थों में सिख लोग।आया सत्तर साल में, आज सुखद संयोग।।--सरिताओं में बह रहा, अब तो पावन नीर।गंगा में डुबकी लगा, निर्मल करो शरीर।।--नदी-झील मिट गया, अब तो सारा पंक।पूनम की इस रात में, ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   2:25am 8 Nov 2019 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--घर-आँगन-कानन में जाकर,मैं तुकबन्दी करता हूँ।अनुभावों का अनुगायक हूँ,मैं कवि लिखने से डरता हूँ।।--है नहीं मापनी का गुनिया,अब तो अतुकान्त लिखे दुनिया।असमंजस में हैं सब बालक,क्या याद करे इनको मुनिया।मैं बन करके पागल कोकिल,कोरे पन्नों को भरता हूँ।मैं कवि लिखने से डरता ह... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   2:05am 7 Nov 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--घर-आँगन-कानन में जाकर मैं,अपनी तुकबन्दी करता हूँ।अनुभावों का अनुगायक हूँ,मैं कवि लिखने से डरता हूँ।।--है नहीं मापनी का गुनिया,अब तो अतुकान्त लिखे दुनिया।असमंजस में हैं सब बालक,क्या याद करे इनको मुनिया।मैं बन करके पागल कोकिल,खाली पन्नों को भरता हूँ।मैं कवि लिखने से ड... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   2:05am 7 Nov 2019 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--देते मुझको हौसला, कदम-कदम पर मीत।बन जाते हैं इसलिए, ग़ज़लें, दोहे-गीत।।-- शब्द और व्याकरण का, मुझे नहीं कुछ ज्ञान।इसीलिए करता नहीं, मैं झूठा अभिमान।।-- टंकण कर लेता तभी, जब आते कुछ भाव।शब्दों में करता नहीं, जोड़-तोड़ बदलाव।। --गीत-ग़ज़ल दोहे लिखे, किये कई अनुवाद।रच... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   12:35pm 5 Nov 2019 #लिखने का है रोग
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--नहीं रहा अब समय पुरानाख़ुदगर्ज़ी का हुआ ज़माना--कैसे बुने कबीर चदरियाउलझ गया है ताना-बाना--पसरी है सब जगह मिलावटनकली पानी नकली दाना--देशभक्त हैं दुखी देश मेंलूट रहे मक्कार खज़ाना--आजादी अभिशाप बन गयीहुआ बेसुरा आज तराना--दीन-धर्म के फन्दे में हैमानवता का अब अफसाना--'रूप'... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   1:23am 5 Nov 2019 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 इतनी जल्दी क्या है बिटिया, सिर पर पल्लू लाने की।अभी उम्र है गुड्डे-गुड़ियों के संग,समय बिताने की।।मम्मी-पापा तुम्हें देख कर,मन ही मन हर्षाते हैं।जब वो नन्ही सी बेटी की,छवि आखों में पाते है।।जब आयेगा समय सुहाना, देंगे हम उपहार तुम्हें।तन मन धन से सब सौगातें, देंग... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   8:30pm 3 Nov 2019 #मेरी प्यारी पोती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 "गिलहरी"बैठ मजे से मेरी छत पर,दाना-दुनका खाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!तुमको पास बुलाने को,मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,जब आवाज लगाता हूँ,कुट-कुट करती हुई तभी तुम,जल्दी से आ जाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!नाम गिलहरी,&n... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   7:30pm 2 Nov 2019 #नाम गिलहरी
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 "गिलहरी"बैठ मजे से मेरी छत पर,दाना-दुनका खाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!तुमको पास बुलाने को,मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,जब आवाज लगाता हूँ,कुट-कुट करती हुई तभी तुम,जल्दी से आ जाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!नाम गिलहरी,&n... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   7:30pm 2 Nov 2019 #नाम गिलहरी
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सुबह होगी तो सूरज निकल जायेगावक्त के साथ सब कुछ बदल जायेगा--जिन्दगी में कभी हार मत माननाधूप में बर्फ सारा पिघल जायेगा--दिल की कोटर में भी तो जलाओ दियादेखकर रौशनी मनल मचल जायेगा --पोथियाँ तो जगत की पढ़ो प्यार सेदम्भ का आशियाँ खुद दहल जायेगा--जूझना मत कभी बे-वजहा आप स... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   1:42am 2 Nov 2019 #गीतिका
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--छठपूजा का आ गया, फिर पावन त्यौहार।माता जन-गण के हरो, अब तो सभी विकार।।--लोग छोड़कर आ गये, अपने-अपने नीड़।सरिताओं के तीर पर, लगी हुई है भीड़।।--अस्तांचल की ओर जब, रवि करता प्रस्थान।छठ पूजा पर अर्घ्य तब, देता हिन्दुस्थान।।--परम्पराओं पर टिका, सारा कारोबार।मान्यताओं में है छ... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   10:34am 31 Oct 2019 #षष्टी मइया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अजनबी ख्वाब में आता क्यों हैहाले-दिल अपना सुनाता क्यों है--अपने लब पे अधूरी प्यास लिएतिशनगी अपनी बुझाता क्यों है--कौन से जन्म का ये नाता हैहमको अपना वो बताता क्यों है--खुली आँखों में रूबरू नहीं होताअपना अधिकार जताता क्यों है--बात करता है चाँद-तारों कीझूठ से अपने लुभाता ... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जिन्दगी में बबाल मत करनाप्यार में कुछ सवाल मत करना--ये जहाँ आग का समन्दर हैतैरने का खयाल मत करना-- बेजुबानों में जान होती हैउनका झटका-हलाल मत करना-- प्रीत का ताल तो अनोखा हैडूबने का मलाल मत करना-- नेक-नीयत से मंजिले मिलतींझूठ से कुछ कमाल मत करना-- दे रही सीख है हमें म... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जिन्दगी साथ निभाओ, तो कोई बात बनेराम सा खुद को बनाओ, तो कोई बात बने --एक दिन दीप जलाने से भला क्या होगारोज दीवाली मनाओ, तो कोई बात बने --इन बनावट के उसूलों में, धरा ही क्या हैप्यार की आग जगाओ, तो कोई बात बने --सिर्फ पुतलों के जलाने से, फायदा क्या हैदिल के रावण को जलाओ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   11:43am 28 Oct 2019 #तो कोई बात बने
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--यज्ञ-हवन करके बहन, माँग रही वरदान।भइया का यमदेवता, करना शुभ-कल्याण।।--भाई बहन के प्यार का, भइया-दोयज पर्व।अपने भइया पर करें, सारी बहनें गर्व।।--तिलक दूज का कर रहीं, सारी बहनें आज।सभी भाइयों के बने, सारे बिगड़े काज।।--रोली-अक्षत-पुष्प का, पूजा का ले थाल।बहन आरती कर रही, मंगल... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--गोवर्धन पूजा करो, शुद्ध करो परिवेश।गोसंवर्धन से करो, उन्नत अपना देश। --अन्नकूट के दिवस पर, करो अर्चना आज।गोरक्षा से सबल हो, पूरा देश समाज।।-- श्रीकृष्ण ने कर दिया, माँ का ऊँचा भाल।इस अवसर पर आप भी, बन जाओ गोपाल।।-- गौमाता से ही मिले, दूध-दही, नवनीत।सबको होन... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   11:03am 27 Oct 2019 #गौमाता से प्रीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--निर्धन के सपनों को,उत्सव में साकार बनाओ तुम।अपने घर में मिट्टी के ही,दीपक सदा जलाओ तुम।।--चीनी लड़ियाँ नहीं लगाना, अबकी बार दिवाली में,योगदान सबको करना है, अपनी अर्थप्रणाली में,अपने जन-गण की ताकत, दुनिया को आज दिखाओ तुम।अपने घर में मिट्टी के ही,दीपक सदा जलाओ तुम।।--महाप... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दीपों की दीपावली, देती है सन्देश।घर-आँगन के साथ में, रौशन हो परिवेश।।--पाकर बाती-नेह को, लुटा रहा है नूर।नन्हा दीपक कर रहा, अन्धकार को दूर।।--झिलमिल-झिलमिल जल रहे, माटी के ये दीप।देवताओं के चित्र के, रखना इन्हें समीप।।--गौरी और गणेश के, रहें शारदा साथ।चरणों में इनके ... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   2:33am 26 Oct 2019 #रौशन हो परिवेश
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