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Blog: मेरी सोच

Blogger: रेखा श्रीवास्तव
लेखन : एक चिकित्सा विधि ! लेखन एक ऐसी विधा है , जो औषधि है - मन मष्तिष्क को शांत करने वाली एक प्रणाली है। मन और मष्तिष्क को तनाव से मुक्त करने का एक कारगर साधन भी है। कुछ लोग इसको हँसी में उड़ा देते हैं कि लिखना कोई दाल भात नहीं कि चढ़ाया और पका कर रख दिया। बिलकुल सच है लेकिन कौन कहता है कि आप साह... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   6:11pm 14 Jul 2020 #Social
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                  लेखन : एक चिकित्सा विधि !                            लेखन एक ऐसी विधा है , जो औषधि है - मन मष्तिष्क को शांत करने वाली एक प्रणाली है।  मन और मष्तिष्क को तनाव से मुक्त करने का एक कारगर साधन भी है। कुछ लोग इसको हँसी में उड़ा देते हैं कि लिखना को... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   5:53pm 14 Jul 2020 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
  श                          पीआरपी थेरेपी              समय से पूर्व चेहरे की त्वचा पर आने वाली कमियों को विशेष विधियों के द्वारा पूर्ण रूप से ख़त्म करने की चिकित्सा का प्रयोग :--    1 . झुर्रियाँँ - आँख के नीचे , नाक के आस पास , ओंठों के ऊपर , गर्दन के ऊपर... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   7:47am 18 Oct 2019 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
          माता-पिताबननेकेसाथहीमनुष्यमेंअपनेबच्चेकेलिएदिशानिर्देशदेनेकेभावउभरनेलगतेहैबल्कियेभीकहसकतेहेंकिइससेपहलेभीमाँकेगर्भवतीहोनेसेहीअपनेआनेवालेअंशकोलेकरमाता-पिताउत्साहितहोतेहें, उसकेलिंगसेलेकरनामकरणऔरभविष्यनिर्धारणइसकेलिएमूलबिंदुहोत... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   8:08am 17 Oct 2019 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
संतान माता पिता या अभिभावकों के लिए सबसे प्रिय होती है और उसके लिए ही वो कठिन परिश्रम करते है और अपने सुख को भूल जाते हैं।  उनके सुन्दर भविष्य की कल्पना करना उनका सबसे बड़ा सपना होता है।  भविष्य के लिए सपनों वो बच्चे भी देखते हैं लेकिन वह उनके जीवन की वह उम्र होती है , ... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   9:32am 17 Mar 2019 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                         संतान माता पिता या अभिभावकों के लिए सबसे प्रिय होती है और उसके लिए ही वो कठिन परिश्रम करते है और अपने सुख को भूल जाते हैं।  उनके सुन्दर भविष्य की कल्पना करना उनका सबसे बड़ा सपना होता है।  भविष्य के लिए सपनों वो बच... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   3:02pm 28 May 2018 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                   ये तो विश्वास की बात है कि हमारे जीवन में लकीरों का कितना महत्व है और हमारे हाथ की लकीरें को पढने वाले बहुत मिल जाते हैं।  माथे की लकीरें भी पढ़ना प्रबुद्ध जन जानते हैं और उनका आकलन  कितना ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   4:11pm 12 Mar 2016 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                                                       दिन के बाद जब साँझ आती तो दिन का अवसान होने को होता है और फिर रात और नयी सुबह , लेकिन जीवन एक ऐसा दिन है जो दिन , महीने और सालों के बाद ही सुबह, दुपहर और साँझ तक जाता है और फिर रात यानि कि अ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   8:22am 21 Oct 2015 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                         जीवन में अनुभव से धारणा बनती है और धीरे धीरे जब ये अनुभव बार बार होते जाते हैं तो ये धारणाएं मन में अपनी  गहरी पैठ बना लेती हैं।  बस ऐसा ही कुछ नए साल के पहले दिन से जुड़े मेरे मन के पूर्वाग्रह भी हैं और यह ऐसे ही नही... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   10:36am 1 Jan 2015 #
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                                    संयुक्त परिवार कल आने वाली पीढ़ी इतिहास के पन्नों पर पढ़ेगी जैसे हम अपने इतिहास में गुजरे ज़माने की पर्दा प्रथा , सती प्रथा और अबोध बच्चों के विवाह की प्रथा के विषय में पढ़ कर जान लेते हैं।  प... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   1:43pm 15 May 2014 #संयुक्त परिवार
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                                     कभी कभी कोई एक पंक्ति या फिर एक कमेंट पूरे के पूरे आलेख की पृष्ठभूमि तैयार कर जाती है. किस सोच के पीछे कौन सा मनोविज्ञान छिप कर उजागर कर जाएगा इसको कोई नहीं जानता।  पिछले बार  स्टेटस मैंने अपडेट किय... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   5:05pm 6 May 2014 #
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                                हमारी सोच सकारात्मक हो तो हमें अपने जीवन में परिणाम भी अच्छे मिलते हैं।  ये बात हमें दार्शनिकों , बड़े बूढ़ों और अपने शिक्षकों से सुनने को मिलती रही है.   हम चाहे जीतनी भी आधी आबादी के आत्मनिर्भर हो... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   4:58pm 12 Apr 2014 #
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             हिन्दू धर्म के अनुसार चैत्र मास की प्रतिपदा से नव वर्ष आरम्भ होता है और इसी दिन से हमारे नए पंचांग का निर्माण होता है और नवग्रहों की स्थिति को लक्षित किया जाता है।आज से विक्रम संवत्सर २०७१ का शुभारम्भ हो रहा है।  वैसे मेरा कुछ अनुमान है कि ... Read more
clicks 321 View   Vote 0 Like   9:07am 31 Mar 2014 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                           हमारे देश में प्रतिभाशाली युवा अपनी मेधा को अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगा देते हैं . वह मंजिल भी इतनी आसन नहीं होती है . रात दिन के कठिन परिश्रम करके वह आई ए एस/पी सी एस बनने का सपना पूरा कर पाते हैं लेकिन फिर भी... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   11:15am 20 Aug 2013 #
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                                 आज 10 अगस्त को पापा को  हमसे दूर गए हुए 22 साल हो गए . लेकिन  क्या कभी वे हमारी यादों से दूर हुए शायद कभी नहीं क्योंकि जनक वो थे हमारे .   अपने सारे   संस्कार , विचार और जीवनचर्या को पूरी पूरी तरह स... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   3:30am 10 Aug 2013 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                               आज कल चल रहे समाज के वीभत्स वातावरण को देख कर आत्मा काँप जा रही है . हम किस उम्र की बात कहें ? सवा साल की बच्ची से दुष्कर्म की बात पढ़ कर तो लगा कि क्या वाकई बच्चियों को जन्म से पहले ही मार देने की प्रथा इसी लिए चलाई गयी थी . परदे की प... Read more
clicks 380 View   Vote 0 Like   10:30am 10 Jul 2013 #संस्कार
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                           कभी इस तरह से सोचा ही नहीं कि जन्मदिन कैसे मनाया जाय ? अपने से तो कोई प्रोग्राम बनाया नहीं जाता और मैं खुद अपनी एनिवर्सरी या बर्थडे मनाने  लिए पार्टी रखने में विश्वास भी नहीं करती हूँ . बचपन से चार बहनों औ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   8:46am 7 Jul 2013 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                         विश्व पटल पर "नारी"ब्लॉग आप सबके सामने  आया है . अपने  अस्तित्व के लिए सिर्फ ये ब्लॉग   ही नहीं बल्कि ये आधी आबादी भी  रही है . लेकिन यहाँ बात उस अस्तित्व की नहीं है बल्कि  इस बात से है कि  आधी आबादी के हक के  लिए लड़ रहा ये ब्लॉग  सिर्फ हमारे सामने अपने  को सिद्ध ... Read more
clicks 307 View   Vote 0 Like   11:40am 23 Apr 2013 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                     ये प्रश्न सिर्फ मेरे मन में ही उठा है या और भी लोगों के मन में उठा होगा ये तो मैं नहीं जानती लेकिन अपने समाज और युवाओं के बढते हुए आधुनिकता के दायरे में आकर वे उन बातों को बेकार की बात समझने लगे हैं ,जिन्हें ये दकियानूसी समाज सदियो से पालता  चला आ रहा है।           ... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   1:40pm 22 Jan 2013 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                              अधूरे सपनों की कसक को लेकर चली थी कि सबके आधे अधूरे सपनों से दो चार होंगे और फिर सोचेंगे कि  इन सपनों के सजने और टूटने में क्या था? किसने अधिक इस सफर में अपने सपनों के  साथ समझौता किया और कौन उसके लिए जिम्मेदार रहा? उसका नारी होना या फिर सामाजिक सीमाओं की प... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   9:54am 29 Nov 2012 #
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                  सपने तो सपने हैं चाहे छोटे हों या बड़े , हर मन में बसते हैं . उम्र के साथ ये भी बढ़ाते जाते हैं। कभी हमने बच्चों से पूछा होता की क्या चाहते हैं ? तो वे अपने सपनों को आकार  देते हुए कुछ न कुछ जरूर बता देते - जैसे किसी को उड़ने वाला जहाज चाहिए , किसी को बार्बी की गुडिया ... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   7:29am 3 Nov 2012 #सपना और यशवंत माथुर
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                   सपने की बात करे  तो फिर सपने अपने अपने  और अलग अलग शब्दों में व्यक्त किये जाते हैं    क्योंकि ये वह चीज है जो निजी होते हैं वह बात और ही की यही सपना किसी और आँखों में पलता हुआ मिल जाय तो उससे कितना  महसूस होता है। कभी कई लोगों के सपनों में झाँका तो लगा की अरे ये ही ... Read more
clicks 340 View   Vote 0 Like   8:09am 2 Nov 2012 #सपने और वाणी शर्मा
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                             कुछ लोग अपनी शख्सियत को सबसे अलग प्रस्तुत करने में माहिर होते हैं और वाही अंदाज उनकी अपनी विशेषता होती है। सपने सभी ने देखे और अपने अपने सपनों के स्वरूप को शब्दों में ही ढाल कर भेजा लेकिन समीर जी ने उसे सबसे अलग कविता रूप देकर प्रस्तुत किया क्योंकि सपन... Read more
clicks 309 View   Vote 0 Like   8:03am 1 Nov 2012 #सपने और समीर लाल
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
            ये शास्त्री जी का सपना  जो पूरा हुआ उनके द्वारा देखा गया और हम कर रहे हैं अधूरे सपनों की बात , लेकिन शास्त्री जी के भेजे इस पूर्णसपने को हम उतना ही सम्मान  देना चाहते हैं जितना  अपने विषय से जुड़े  संस्मरण को दिया है। इस लिए आप सबसे विषय से इतर जाने के लिए  क्षमा चाह... Read more
Blogger: रेखा श्रीवास्तव
                         हमारे सपनों के आकर और स्वरूप अलग अलग होता है , संगीता जी उन सब में सबसे अलग दिशा में जाकर अपने सपने देख रही हैं क्योंकि अब तक के सरे लोगों से अलग एक दिशा में उनके कदम बढ़ रहे हैं। उनके सपनों के साथ जुड़ कर हम सभी उनके इसा सपने को साकार होने की कामना करती हूँ  .       ... Read more
clicks 301 View   Vote 0 Like   8:12am 30 Oct 2012 #सपने और संगीता पुरी
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