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..Tum Suman..!!

कैसी होती है ज़िन्दगीकुछ होने से पहले सब सामान्य चलता हैबातें , कदम- ताल , कहकहे, अपने - परायेकैसी होती है ज़िन्दगीएक शख्स मरता हैकिसी की सनक की वज़ह सेकैसी होती है ज़िन्दगीएक बच्चा भूखा सोता है माँ की पेट मेंगरीब है उसकी माँ इसलिएकैसी होती है ज़िन्दगीये इंसानियत है - मतलबों स...
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  August 8, 2017, 2:51 am
ऐसे अकेले हो गया है येकि किसी की ख़ुशी में भीखुद को शामिल नहीं कर पातामानो एक अलग सीदुनिया बसा ली हो इसनेकोई  खोजने वाला भी नहीं हैफिर भी छुप कर कहीं बैठा हैएक कोने में इस वीराने मेंजाने किससे डरा हुआ हैजाने क्या ये खोजता हैचाहतें सारी खो गयी इसकीउमंगें न कोई ज़िंदा हैं...
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  June 21, 2017, 11:32 pm
उस पीली धूप में जब तुमपीले सलवार में चलती थीपीले दुपट्टे में जब.........तेज़ रौशनी से खुद केचेहरे को छुपाती थीयाद है मुझे आज भीजब उस लम्बी सुनसान काली सड़क परतुम अकेले इठलाती हुईअपने घर को जाया करती थी  ||       ----------*----------...
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  June 20, 2017, 9:37 pm
 एक आवारा सा हवा था वोजाने क्यों आज रुक गया हैहर वक़्त जो शरारतें करता थाजाने क्यूँ आज वो शांत हैमहफ़िल में मौजूद तो रहता हैपर किसी और ख्याल में खोया हैबातें तो करता हैपर खुद से गुमसुम सा हो गया है वोलोग कहते हैं ----दफ़ना दिया उसने अपनी ख्वाहिशों कोज़िन्दगी ने उसे खुद का क़ा...
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  March 16, 2017, 12:46 am
वो मुझसे कहते हैंतुम क्या देख लेते हो मेरे चेहरे मेंजो तारीफ़ें करते  हो इतनी मेरीआईना तो मैं भी रोज़ देखती हूँमुझे तो कुछ अलग नहीं दिखतामैंने कहा ---आइना तो ले आये हो तुम बाज़ार सेपर देखने के लिए मेरी नज़र कहाँ से लाओगेएक बार मेरी नज़रों में नज़र मिलाकर देख लोतुम्हारे सभी स...
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  December 18, 2016, 10:56 pm
मुर्दों के इस शहर मेंज़िंदा इंसान कहाँ से खोजूं...हर चेहरे पर मतलब का नक़ाब हैतेरा चेहरा ही सच्चा है......इंतज़ार-ए -दीदार में हर वक़्त रहता हूँ...बस तेरी मेहरबानी कभी कभी होती है..तुम जो कभी कभी मिलते हो...मुस्कुराता  हूँ तुझे देख कर...मुझे जिंदा कर देती हो... तुम !!!!----------*----------...
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  August 28, 2016, 1:33 pm
मैं तुम्हें नहीं पूजतापर जिसे मैं पूजता हूँवो तुम्हें मानती हैमेरे खुद के रहने का घर नहींपर तेरे  लिए एक जगह ढूंढता हूँक्या करूँ मैं अपनी माँ को मानता हूँ...       **********...
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  February 22, 2016, 1:08 am
हर बार वो रास्ता कोई और बनाते रहे हम हैं कि इंतज़ार करते रहे मुझे मिटाने की हर कोशिश की गयी लेकिन फिर भी हम डटे रहे खड़े रहे उसी राह पर कि.…कुछ बात तो है हममें भी.....कि हस्ती हमारी कभी मिटती नहीं...|||----------*----------...
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  October 10, 2015, 3:43 pm
तुम कल थे मेरे पास..आज नहीं हो...धड़कने कल भी धड़कतीं थीधड़कने आज भी धड़कतीं हैं...फ़र्क सिर्फ ये है कि...कल तेरे साथ धड़कतीं थीं..आज तेरी याद में धड़कतीं हैं |तुमने एक वक़्त माँगा था मुझसे....देखो उस वक़्त ने तुमको ...आज कितना बदल दिया है,पर तेरी एक तस्वीर रखी है, अभी भी संभाल कर मैंने ||----------*--...
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  July 1, 2015, 1:13 am
एक बार वक़्त लेकरहम आये थे तुम्हारे पासतुमने कहा थाअभी फुर्सत नहीं हैज़िन्दगी इतनी तेज़ भाग रही किचलो एक सौदा कर लेते हैं आजअगर तुम समय लेकर आओगेतो हम भी समय लेकर आएंगेवरना इतना समय नहीं है इंतज़ार काअब मैंने भी उनकी खबर रखनी छोड़ दीजो सिर्फ अपने लिये ही समय रखते हैं----------*-------...
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  March 21, 2015, 8:02 pm
मैं और मेरे अंदर का मैंमारता हूँ पल पल एक मैं कोन जाने फिर भीज़िन्दा हैं  कितने मैंज़िन्दा हैं अभी भीमेरे अंदर मेरा मैं----------*----------...
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  January 22, 2015, 10:25 pm
आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया....चुन चुन कर दोस्तों की ...महफ़िल सजाई थी मैंने !!अपनी अपनी बात सभी ने सुनाई...कुछ मैंने भी अपनी बताई !!रात जब और बड़ी हुई...महफ़िल का रंग भी गहराया...वक़्त कैसे कटा...कब रात बीती और कब उजाला हुआ...महफ़िल टूटी कि मैं....आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया..||----...
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  January 6, 2015, 11:20 pm
कुछ तो है जो कि हम कहीं रखकर भूल आये हैं ...अब ज़िन्दगी भर उसे खोजते रहेंगे ...पर ना वो चीज़ मिलेगी.... और ना ही उसकी याद मिटेगीअब ये सोचता हूँ कि....बड़े होकर भी क्या ख़ाक ज़िन्दगी जी रहे हैं....वो दिन ही अच्छे थे.... जब हम बच्चे थे....              ----------*----------...
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  July 31, 2014, 7:34 pm
बढ़ती हुई सी ये ज़िन्दगी और गिरता हुआ वो मकान बिछड़ता हुआ अपना बचपन खोती हुई सी ये  मासूमियत जाने क्यों ……अक्सर, ये बस ख्यालों में आते हैं ………----------*----------...
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  July 22, 2014, 1:54 am
एक तुम थे, जो तुम पर ही रह गए...हम भी कुछ काम नहीं थे ज़िद्द तो हमने भी की थी.. और हम भी, हम पर ही रह गए ...अब देखो... ये क्या हुआ न तुम हारे..  न मैं हारा... पर जीता भी तो कौन ये दूरियाँ जीतीं.... और इतनी लम्बी जीतीं कि अब तेरी आवाज़ न आती है....न ही तुम मुझे सुन पाती हो....रोशनी भी क...
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  July 20, 2014, 4:50 pm
बिछड़ के तुझसे...सज़दे में, ये दुआ करता हूँ कि तुम खुश रहो हर पल क्यूंकि... अक्सर तुम ये कहते थे मुझसे  - कि मैं जब पास रहता हूँ तेरे- तब ही तुझे ख़ुशी मिलती है!! ----------*----------...
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  May 18, 2014, 10:28 pm
मिली थी कितने बरसों बादवो आकर मेरे मकान में...बोली कुछ भी तो नहीं बदला यहाँ इतने साल के दरम्यान में उससे कहा मैंने....शायर का घर है... मोहतरमा ना मकान बदलता है कभी ...ना  सामान बदलता है कभी ...----------*----------...
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  April 27, 2014, 1:58 pm
ज़िन्दगी के सफ़र में,सोचा कि...फिर तेरे शहर से गुजरूंउन यादों को पलटूं,कि तुझे फिर से ज़िंदा करूँ-एक शाम तेरे यहाँ बिताना है ,फिर सुबह उठकर निकल जाना है |तुम मिलोगी तो नहीं वहाँ--जहाँ हम अक्सर मिला करते थे ,पर बैठूंगा मैं तेरे इंतज़ार में..उस शान्त नदी के किनारे ..इस उम्मीद म...
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  December 23, 2013, 4:17 pm
तब ...घर से जब बाहर निकलता थाकब दोपहर हुई ...कब शाम हुईरात ने कब घेरा पता ही नहीं चलता थाऔर वापस लौटना ही भूल जाता थातब ...माँ की आवाज़ आती ...बेटा रात बहुत हो गयी .. घर आ जा ..मानो घर खुद शाम मेंमुझे ढूंढ़ कर वापस बुला रहा हो…अब...घर से जब बाहर निकलता हूँ ...दोपहर होती है .. शाम होती है...
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Tag :shaam
  August 11, 2013, 7:25 pm
ज़िन्दगी तू चलते चलते ये कैसी खामोश जगह पर ले आई है दूर दूर तक, कोई दिखता नहीं हर तरफ सिर्फ अन्धकार ही छायी है खड़ा हूँ .. अकेला इस ख़ामोशी में ना जाने किसका ... इंतज़ार है कल जब तेरे संग चला था इस सफ़र में सोचा ना था की ऐसा भी कोई मोड़ आएगाज़िन्दगी तू तो कभी.... इत...
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  August 2, 2013, 11:31 pm
यूँ ही चलते चलते जब किसी की नज़रों में देखता हूँ तो लगता है हर नज़र कुछ बोलती हैहोंठ तो खिले होते हैंपर पलकें नम होती हैंऔर दिलों में कुछ सपनों के अधूरे रहने का गम होता है ।।----------*----------...
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  February 11, 2013, 10:35 pm
यूँ ही चलते चलते जब किसी की नज़रों में देखता हूँ तो लगता है हर नज़र कुछ बोलती हैहोंठ तो खिले होते हैंपर पलकें नम होती हैंऔर दिलों में कुछ सपनों के अधूरे रहने का गम होता है ।।----------*----------...
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  February 11, 2013, 10:35 pm
वो कहते हैं कि अब वहां विराना होता हैपहले जहाँ कभी महफिल सजती थीमहखाने से भी ज्यादा जहाँ शोर होता थावहां अब शमशान से भी ज्यादा खामोशी रहती है गवाह हैं वहां की दीवारों में कैद आवाजें कि कभी हम वहां गुनगुनाया करते थे हवाएं भी चलती थी, तो गीत गाती स...
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  July 13, 2012, 6:54 pm
वो कहते हैं कि अब वहां विराना होता हैपहले जहाँ कभी महफिल सजती थीमहखाने से भी ज्यादा जहाँ शोर होता थावहां अब शमशान से भी ज्यादा खामोशी रहती है गवाह हैं वहां की दीवारों में कैद आवाजें कि कभी हम वहां गुनगुनाया करते थे हवाएं भी चलती थी, तो गीत गाती सीअब सन्नाटा संग लिए ...
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  July 13, 2012, 6:54 pm
आखरी बार जाने से पहले तुम मुझसे मिल ही लोवो सारी बातें, वो शरारतें कि ज़िन्दगी फिर से जी लोआज रात ये मद्धम मद्धम हवा चांदनी को गोद में ले उड़ रही हैचाँद हंस रहा है उनकी अटखेलियों परकाश अभी तुम मेरे गलियों से गुजरती हाथ पकड़ खिंच लेता तुम्हें बाहों में तेरे स्पर्श  को म...
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  June 16, 2012, 2:49 pm
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