साहित्य शिल्पी

आखिर हम कैसे भूल गये, मेहनत किसान की, दिन हो या रात उसने, परिश्रम तमाम की। रचनाकार परिचय:- लेखक, कवि, व्यंगकार, कहानीकार, फिलहाल एक टीवी न्यूज ऐजेंसी से जुड़े हुए है। जाड़े की मौसम वो, ठंड से लड़े, तब जाके भरते, देश में फसल के घड़े। गर्मी की तेज धूप से, पैर उसका जले, मेहन...
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Tag :रवि श्रीवास्तव
  April 24, 2015, 12:00 am
रचनाकार परिचय:- श्रीमती सुधा भार्गव का जन्म ८ मार्च, १९४२ को अनूपशहर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। बी.ए., बी.टी., विद्याविनोदिनी, विशारद आदि उपाधियाँ प्राप्त सुधा जी का हिन्दी भाषा के अतिरिक्त अंग्रेजी, संस्कृत और बांग्ला पर भी अच्छा अधिकार है। बिरला हाईस्कूल, कोलकाता में २२ ...
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Tag :सुधा भार्गव
  April 23, 2015, 12:00 am
सीख रहा हूँ, कलम पकडना सीख रहा हूँ, आडी- तिरछी रेखाओं से, तस्वीर बनाना सीख रहा हूँ, रचनाकार परिचय:- नाम:- मनोरंजन कुमार तिवारी जन्म तिथि:- 06/01/1980 जन्म स्थान:- भदवर, जिला- बक्सर, बिहार पिता का नाम:- श्री कामेश्वर नाथ तिवारी गाँव:- भद्वर, जिला- बक्सर, बिहार वर्तमान पत्ता:- C/o- कर्ण स...
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Tag :मनोरंजन कुमार तिवारी
  April 22, 2015, 12:00 am
जिस गोदी में हरकोई, प्रथम नींद से जगता है ! जिस पयधारा को पीकर, हष्ट-पुष्ट सा लगता है ! उस गोदी, उस धारा की, स्वामिन तुम कब जागोगी ? कब अपने अधिकारों को, अधिकारी-सा मांगोगी ? रचनाकार परिचय:- वर्त्तमान में कक्षा बारहवीं के छात्र पियुष द्विवेदी ‘भारत’ उत्तर प्रदेश ...
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Tag :पीयूष द्विवेदी
  April 21, 2015, 12:00 am
मकसद हो तो आना जाना अच्छा लगता है निभ जाए तो वफा ,निभाना अच्छा लगता है रचनाकार परिचय:- यत्रतत्र रचनाएं ,कविता व्यंग गजल प्रकाशित | दिसंबर १४ में कादम्बिनी में व्यंग | संप्रति ,रिटायर्ड लाइफ ,Deputy Commissioner ,Customs & Central Excise ,के पद से सेवा निवृत, वडोदरा गुजरात २०१२ में सुशील यादव New Adarsh N...
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Tag :सुशील यादव
  April 20, 2015, 12:00 am
अहद एक मुसलमान है. मुसलमान इसलिए क्योंकि वह एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ है। हां ये बात अलग है कि वह कभी इस बात पर जोर नहीं देता है कि वह मुसलमान है। वह मुसलमान है तो है। क्या फर्क पड़ता है? और क्या जरुरत है ढि़ंढोरा पीटने की? वह कभी इन बातों पर गौर नहीं करता है। लेकिन उस...
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Tag :क़ैस जौनपुरी
  April 19, 2015, 12:00 am
नौटंकी लाल को लेंस वाले चश्में पहनकर सोते हुये देखकर मेरा दिमाग घूम गया। चश्में के प्रति इतनी आसक्ति समझ मे नही आ रही थी। आँखे कमजोर हो जाने पर लोग दिनभर चश्मा लगाते हैं, ये अलग बात है पर नींद मे चश्मा लगाकर सोना घोर आश्चर्य का विषय था। रचनाकार परिचय:- नामः-वीरेन्द्र ‘...
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Tag :व्यंग्य
  April 18, 2015, 12:00 am
उसके बीवी बच्चे नहीं थे | इसलिए सब उसके अपने थे | जब जिसने काम बताया निस्वार्थ भाव से कर दिया | रचनाकार परिचय:- रचना व्यास मूलत: राजस्थान की निवासी हैं। आपने साहित्य और दर्शनशास्त्र में परास्नातक करने के साथ साथ कानून से स्नातक और व्यासायिक प्रबंधन में परास्न...
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Tag :लघुकथा
  April 17, 2015, 12:00 am
मिर्ची बहुत तेज सब्जी में. कैसे खाऊँ खाना| रचनाकार परिचय:- श्री प्रभुदयाल श्रीवास्तव का जन्म- 4 अगस्त 1944 को धरमपुरा दमोह (म.प्र.) में हुआ। वैद्युत यांत्रिकी में पत्रोपाधि प्राप्त प्रभुदयाल जी विगत दो दशकों से अधिक समय से कहानी, कवितायें, व्यंग्य, लघु कथाएं, लेख, बुंदेल...
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Tag :बाल कविता
  April 16, 2015, 12:00 am
अब खेल इस जहाँ के सभी जान तो गया पर पेट की ही आग में ईमान तो गया रचनाकार परिचय:- नाम- बृजेश नीरज पिता- स्व0 जगदीश नारायण सिंह गौतम माता- स्व0 अवध राजी जन्मतिथि- 19-08-1966 जन्म स्थान- लखनऊ, उत्तर प्रदेश भाषा ज्ञान- हिंदी, अंग्रेजी शिक्षा- एम0एड0, एलएल0बी0 लेखन विधाएँ- छंद, छंदमुक्त, ...
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Tag :बृजेश नीरज
  April 15, 2015, 12:00 am
कुछ दिन पहले की बात है। यहीं कोई दो माह पहले की। मुझे अपने कार्यक्षेत्र, अपने विद्यालय से एक परियोजना पर काम करने का अवसर मिला था। पर्यावरणीय चिंतन। र्पावरणीय चिंतन पर कुछ काम करते हुए मुझे जलवायु परिर्वतन पर कुछ तथ्य प्रस्तुत करना था। चिंता में सराबोर करने वाले तथ्य...
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Tag :केशव मोहन पाण्डेय
  April 14, 2015, 12:00 am
सुधीर की पत्नी मालती की डिलीवरी हुए आज पांच दिन हो गए थे| उसने एक बच्ची को जन्म दिया था और वह शहर के सिविल हॉस्पिटल में एडमिट थी| सुधीर और उसके घर वालों ने बहुत आस लगा रखी थी की उनके यहाँ लड़का ही पैदा होगा| सुधीर की माँ मालती का गर्भ ठहरने के बाद अब तक कितनी सेवा और देखभाल कर...
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Tag :लघु कथा
  April 13, 2015, 12:00 am
बचा है अब यही इक रास्ता क्या मुझे भी भेज दोगे करबला क्या तराजू ले के कल आया था बन्दर तुम्हारा मस्अला हल हो गया क्या रचनाकार परिचय:- पेशे से पुस्तक व्यवसायी तथा इलाहाबाद से प्रकाशित त्रैमासिक ’गुफ़्तगू’ के उप-संपादक वीनस केसरी की कई रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में...
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Tag :वीनस केसरी
  April 12, 2015, 12:00 am
कोख में आने से अब तक तुम्हारा स्पर्श, अहसास चहुँ ओर बिखरी तुम्हारी यादें, तुम्हारी खनकती हँसी, तुम्हारी शरारतें, रचनाकार परिचय:- शबनम शर्मा, अनमोल कुंज, पुलिस चौकी के पीछे, मेन बाजार, माजरा, तह. पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि.प्र. – 173021 मोब. - 09816838909, 09638569237 फिर कई तरह की मनुहा...
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Tag :शबनम शर्मा
  April 11, 2015, 12:00 am
गतांक (संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 4, संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 3, संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 2) व संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 1 से आगे... हमने विभिन्न मंत्रालयों की राजभाषा सलाहकार समितियों के सदस्य के रूप में राजभाषा हिन्द...
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Tag :महावीर सरन जैन
  April 10, 2015, 12:00 am
उसे देखकर मेरा दिल पसीज जाता है कई घंटे मिट्टी और कंकड़-पत्थर से जूझने के बाद रचनाकार परिचय:- नाम : सुशांत सुप्रिय ( कवि , कथाकार व अनुवादक ) जन्म : २८ मार्च , १९६८ प्रकाशित कृतियाँ : # कथा-संग्रह -- हत्यारे ( २०१० ) हे राम ( २०१२ ) # काव्य-संग्रह -- एक बूँ...
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Tag :सुशांत सुप्रिय
  April 9, 2015, 12:00 am
                                                                  सलवटों के सवंरने का जरिया होतीं हैं भीगी पलकें रुके हुए पानी को तीव्र धारा में बदल देतीं  हैं भीगी पलकें अमावस की रात में पूनम का चाँद बनतीं  हैं भीगी पलकें उतर आई  उदासी को , निकल जाने देती हैं  भीगी पलकें बिखरी हुई घटाओं को घने बा...
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  April 8, 2015, 12:00 am
                                    ( क ) जॉन और मैरी को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है और वे शादी कर लेते हैं । वे दोनों अच्छी और फ़ायदेमंद नौकरियों में हैं जो उन्हें प्रेरक और चुनौतीपूर्ण लगती हैं । वे एक बड़ा प्यारा-सा मकान ख़रीद लेते हैं । बाज़ार में मकानों की क़ीमत बढ़ जाती है। साथ रह...
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  April 7, 2015, 12:00 am
‘भारतीय भाषाओं की रक्षा और राष्ट्रभाषा की प्रतिष्ठा के लिए संघर्ष करना होगा’  ‘अंधेरे में’ के अर्धशती समारोह के अवसर पर रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का आह्वान  हैदराबाद, 31 मार्च 2015| उच्च शिक्षा और शोध संस्थान की स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर केंद्रीय हिंदी निदेशालय और स्टे...
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  April 6, 2015, 12:00 am
आज हर ओर पचासी-वर्षीय अरविंद कुमार के नवीनतम द्विभाषी कोश अरविंद वर्ड पावर – इंग्लिश-हिंदी की धूम मची है. अशोक वाजपेयी जैसे मनीषी लिख रहे हैँ - हिंदी समाज को अरविंद कुमार का कृतज्ञ होना चाहिए कि उन्होँ ने ऐसा अद्भुत कोश बनाया. ऐसे मेँ मन मेँ सवाल उठता है - वह क्या है जो क...
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  April 5, 2015, 12:00 am
ग्वालियर-उज्जैन-इंदौर नगरों में या इनके आसपास के स्थानों (देवास, धार, महू, मंदसौर) में वर्षों निवास किया; एतदर्थ ‘सुमन’ जी से निकटता बनी रही। ख़ूब मिलना-जुलना होता था; घरेलू परिवेश में अधिक। जा़हिर है, परस्पर पत्राचार की ज़रूरत नहीं पड़ी। पत्राचार हुआ; लेकिन कम। ‘सुमन’ जी ...
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  April 4, 2015, 12:00 am
खुद रही है लगातार-लगातर बैलाडिला की श्रृंखला फौलाद का यह पहाड उगल रहा है फौलाद, लगातार-लगातार । निगल कर फौलाद उगल रही है, कम्पनियॉ लगातार-लगातर नोट-नोट और नोट सरकारें बदल रही है लगातार-लगातर नोटों से वोट । पेरिफेरियल विकास के आकडों के बोझ में दबा पहाड के निचे का “...
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  April 3, 2015, 12:00 am
नाना खेतों में देते थे,कितना पानी कितना खाद।अम्मा को अब भी है याद।उन्हें याद है तेलन काकी,सिर पर तेल रखे आती थीं।दीवाली पर दिये कुम्हारिन,चाची घर‌ पर रख जाती थीं।मालिन काकी लिये फुलहरा,तीजा पर करती संवाद।अम्मा को अब भी है याद।चना चबेना नानी कैसे,खेतों पर उनसे भिजवाती...
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  April 2, 2015, 12:00 am
सिख जाट की दो चीज़ों में जान होती है ‘उसकी लाठी और उसकी सवारी की घोड़ी या घोड़ा।’ अगर ये चीज़ें चोरी हो जाएँ तो उन्हें तलाश करने में ज़मीन-आसमाँ एक कर देता है। अगर कोई जाट से उसकी यह चीज़ें छीनने की कोशिश करे तो वह मरने मारने पर आमादा हो जाता है। अगर दुश्मन भारी पड़े और उसकी ये ...
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  April 1, 2015, 12:00 am
अभी कुछ वर्ष पहले दिल्ली में रहने वाले प्रसिद्ध पत्रकार राजीव पंडिता की एक पुस्तक आई थी ‘हेलो बस्तर’। इस पुस्तक के नाम से तो यही अनुमान होता है कि यह बस्तर क्षेत्र से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक आदि विभिन्न पहलुओं के बारे में होगी, किन्तु पुस्तक पढ़ने ...
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Tag :पुस्तक चर्चा
  March 31, 2015, 12:00 am
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  गूगल के द्वारा अपनी रीडर सेवा बंद करने के कारण हमारीवाणी की सभी कोडिंग दुबारा की गई है। हमारीवाणी "क्...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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