साहित्य शिल्पी

उत्सव हमारी संस्कृति एवं सामाजिक चेतना के जीवंत प्रतीक होते हैं। जीवन की एकरसता को तोड़ने, सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने मानव को एक सूत्र में जोड़ने तथा मानवीय संवेदना को सजग रखने में, उत्सवों का विशेष महत्व है। परंतु जैसे जैसे हमारा जीवन आपा-धापी, भागदौड़ तथा अत्यधिक व...
साहित्य शिल्पी...
Tag :प्रेम जनमेजय
  March 2, 2015, 12:00 am
होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली भारत का अत्यंत प्राचीन पर्व है जो होली, होलिका या होलाका नाम से मनाया जाता था। वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :प्रीति झा
  March 1, 2015, 12:00 am
बस्तर अंचल में प्रचलित मेले मड़ईयाँ वस्तुत: यहाँ की जीवन रेखायें हैं। इन के माध्यम से समाजशास्त्र को स्वांस मिलती है, इतिहास मुस्कुरा उठता है और अर्थशास्त्र अपनी भूमिका अदा करता है। पूजा पाठ, अर्चना अनुष्ठान, टोना टोटका, झाड़ फूंक के साथ साथ देवी देवता से मान मनौव्वल भी, ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :राजीव रंजन प्रसाद
  February 28, 2015, 12:00 am
हम जो कह दें उसे मान जाया करो आईनों से जुबां मत लड़ाया करो खुद को खुद से बचाया करो दिन में तुम रात भर खुद को खुद पे लुटाया करो रचनाकार परिचय:- पेशे से पुस्तक व्यवसायी तथा इलाहाबाद से प्रकाशित त्रैमासिक ’गुफ़्तगू’ के उप-संपादक वीनस केसरी की कई रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिक...
साहित्य शिल्पी...
Tag :वीनस केसरी
  February 27, 2015, 12:00 am
वह क्षेत्र बडा खुशहाल था। लोग बड़े समृद्ध थे। लेकिन अचानक उस क्षेत्र को प्रकृति की नजर लग गई। वहाँ भीषण अकाल पड़ गया। लोग दाने-दाने के लिये मोहताज हो गये। माटी का मोह ऐसा था, जो उन्हें रोजगार के लिये पलायन करने से रोक रहा था। अकाल का समाचार अखबारों में प्रकाशित हुआ था। जिस...
साहित्य शिल्पी...
Tag :व्यंग्य
  February 26, 2015, 12:00 am
"लगता है जिन्दगी और मौत के बीच का फासला बहुत कम है ....!""ऐसा मत बोलो ........जन्म हो या मृत्यु, जो कुछ ऊपर वाले ने लिख दिया वह होना तय है, घबराने से कुछ नहीं मिलता! जिन्दगी के साथ सुख-दुःख तो लगे ही रहते हैं|""और तो कुछ नहीं, बस छोटी का विवाह मेरे सामने हो जाता फिर भले ही चला जाता| यही चि...
साहित्य शिल्पी...
Tag :सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा
  February 25, 2015, 12:00 am
गतांक (संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 2 - प्रो० महावीर सरन जैन) से आगे... 14 सितम्बर, 1949 को पूरे दिन की बहस के समापन के बाद शाम को भारी तालियों की गड़गड़ाहट में ‘ मुंशी - आयंगर’ फार्मूला स्वीकार करते हुए राजभाषा सम्बंधी भाग पारित हो गया। देखें - Constituent Assembly Debates on 14 September, 1949 PART III P...
साहित्य शिल्पी...
Tag :महावीर सरन जैन
  February 24, 2015, 12:00 am
कल नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में आयोजित किये गये विश्व पुस्तक मेले का आखिरी दिन था। विश्व पुस्तक मेला, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल पुस्तकों का देश में लगने वाला सबसे बड़ा मेला है अपितु सर्वाधिक समृद्ध भी है। देश विद...
साहित्य शिल्पी...
Tag :
  February 23, 2015, 12:00 am
साहित्य-शिल्पी के संचालक सदस्य श्री राजीव रंजन प्रसाद की कृति “बस्तरनामा” का विमोचन शुक्रवार, दिनांक 20 फरवरी, 2015 को विश्व पुस्तक मेले में किया गया। पुस्तक अनावरण के इस अवसर पर लेखक समेत श्री अमरेंद्र किशोर, श्री पंकज झा, श्री संजीव सिन्हा, श्री शिवानंद द्विवेदी, श्री आ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :समाचार
  February 22, 2015, 12:00 am
मैं सुबह-सुबह फ्रेश होकर मनोज के घर पहुंच गया था। मनोज जो मेरे बचपन का मित्र था, मुझे देखते ही खुश हो गया। मेरे गले लगकर वो न जाने कितने मुझे उलाहने देने लगा, फोन क्यों नहीं किया और न जाने क्या-क्या, वो तो शायद गिले-शिकवे करता ही रहता अगर बीच में उसकी मम्मी न आ जाती। रचनाका...
साहित्य शिल्पी...
Tag :सुधीर मौर्य
  February 15, 2015, 12:00 am
"प्रेमहीन जीवन शून्य है, ये मुझे बेहतर पता है। इसलिए उसकी पीड़ा को समझता हूँ।"आकाश शून्य की ओर देखते हुए प्रतीक से बोला। रचनाकार परिचय:- वर्त्तमान में कक्षा बारहवीं के छात्र पियुष द्विवेदी ‘भारत’ उत्तर प्रदेश के जिला देवरिया के निवासी हैं। इतिहास के अध्ययन के साथ ही...
साहित्य शिल्पी...
Tag :पीयूष कुमार द्विवेदी
  February 15, 2015, 12:00 am
सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” हिन्दी साहित्य की एक ऐसी विभूति हैं जिन्हें एक साथ महाकवि और महामानव के रूप में याद किया जाता है। अपने नाम के ही अनुरूप उनका व्यक्तित्व तथा कृतित्व भी सबसे निराला ही था। व्यक्ति के रूप में निराला जीवन भर स्वच्छंदतापूर्वक अपनी भावनाओं के ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :कविता
  February 15, 2015, 12:00 am
गतांक (संविधान-सभा में राजभाषा विचार [लेख] - भाग 1 - प्रो० महावीर सरन जैन) से आगे... 14 जुलाई, 1947 से लेकर 14 सितम्बर, 1949 तक बहस इस मुद्दे पर होती रही कि संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए अंकों का रूप क्या हो। 14 सितम्बर, 1949 को जब संविधान सभा की बैठक हुई तब सभापति के सम्बोधन के वक्तव्य को मू...
साहित्य शिल्पी...
Tag :महावीर सरन जैन
  February 15, 2015, 12:00 am
रचनाकार परिचय:- प्राण शर्मा वरिष्ठ लेखक और प्रसिद्ध शायर हैं और इन दिनों ब्रिटेन में अवस्थित हैं। आप ग़ज़ल के जाने मानें उस्तादों में गिने जाते हैं।  आप के "गज़ल कहता हूँ'और 'सुराही'काव्य संग्रह प्रकाशित हैं, साथ ही साथ अंतर्जाल पर भी आप सक्रिय हैं। बुला कर घर में हर ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :प्राण शर्मा
  February 15, 2015, 12:00 am
कोटि कोटि कंठों से मुखरित मातु तुम्हारी चरण वन्दना रचनाकार परिचय:- पद्मा मिश्रा का०हि०वि०, वाराणसी में पात्रता प्राप्त व्याख्याता हैं। आप कई विधाओं में रचना करती हैं, यथा - कविता, कहानी, ललित निबन्ध, पुस्तक समीक्षा आदि। आपकी कई रचनाओं का प्रकाशन कादम्बिनी, परिकथा, व...
साहित्य शिल्पी...
Tag :पद्मा मिश्रा
  February 15, 2015, 12:00 am
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 8 फ़रवरी, 1914 को जन्मे (कुछ जगह उनकी जन्मतिथि 14 और 18 फरवरी भी दी गई है, मगर हम अमर देहलवी द्वारा संपादित और स्टार पब्लिकेशन, दिल्ली से प्रकाशित ‘जाँनिसार अख्तर की शायरी’ के आधार पर इसे 8 फ़रवरी मान रहे हैं) जाँनिसार अख्तर का ताल्लुक शायरों के परिवार ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :जाँ निसार अख़्तर
  February 8, 2015, 12:00 am
ग़ज़ल विधा के आधुनिकीकरण, उसके नवीन और प्रयोगात्मक तरीके से प्रस्तुतिकरण के लिये जगजीत सिंह का नाम हमेशा ही पहली पंक्ति में रहेगा। बौद्धिजीविक दुनियाँ का मनोरंजन मानी जानी वाली गज़लों को आम जन की पसंद तक उन्होंने ही पहुँचाया था। जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को राजस्थान ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :जगजीत सिंह
  February 8, 2015, 12:00 am
राजकाज के प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी का प्रयोग होता रहा है। राम बाबू शर्मा के अनुसार यह प्रयोग बारहवीं सदी से होता रहा है।   (बारहवीं सदी से राजकाज में हिन्दी, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, (1980) राजभाषा हिन्दी में हिन्दी भाषा-क्षेत्र की जिस खड़ीबोली को भारतीय संविधान द्...
साहित्य शिल्पी...
Tag :महावीर सरन जैन
  February 8, 2015, 12:00 am
आपसे जब दोस्ती होने लगी हाँ गमों में अब कमी होने लगी रोज की ये दौड़ रोटी के लिए भूख के घर खलबली होने लगी रचनाकार परिचय:- नवीन विश्वकर्मा (गुमनाम पिथौरागढ़ी) आप मेरे हम सफ़र जब से हुए ज़िन्दगी मेरी भली होने होने लगी रख दिए कागज़ में सारे ज़ख्म जब सूख के वो शायरी होने लगी शहर ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :गुमनाम पिथौरागढ़ी
  February 8, 2015, 12:00 am
आज आपको एक कथा सुनाने का मन हो रहा है। एक गाँव में बलभद्दर (बलभद्र) रहते थे। क्या कहा... किस गाँव में? आप लोगों की बस यही एक खराब आदत है... बात पूछेंगे, बात की जड़ पूछेंगे और बात की फुनगी पूछेंगे। तो चलिए, आपको सिलसिलेवार कथा सुनाता हूँ। सिलसिलेवार कथा सुनाने के लिए मेरा भी एक ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :कहानी
  February 8, 2015, 12:00 am
दक्षिण भारत में पैदा हुए उर्दू शायरों में शायद सबसे अधिक प्रसिद्धि मखदूम मोहिउद्दीन को प्राप्त हुई। 4 फ़रवरी 1908 को तत्कालीन हैदराबाद रियासत के अन्डोल गाँव में (अब जिला मेडक में) जन्मे मखदूम मोहिउद्दीन एक प्रतिष्ठित क्रांतिकारी और बहुमुखी प्रतिभा के शायर थे। तत्काली...
साहित्य शिल्पी...
Tag :ग़ज़ल
  February 1, 2015, 12:00 am
रचनाकार परिचय:-अभिषेक सागरबिहार के एक छोटे से गाँव मे जन्मे अपनी साहित्यिक अभिरुचि तथा अध्ययन शील प्रवृत्ति के कारन आप लेखन से जुडे। वर्तमान मे एन एच पी सी मे कार्य करते हुए आप साहित्य शिल्पी के संचालक सदस्यों में हैं। आज के दौर में संगीत की चर्चा पं. भीमसेन जोशी के बिन...
साहित्य शिल्पी...
Tag :जीवन परिचय
  February 1, 2015, 12:00 am
आज फिर से भूख की और रोटियों की बात होखेत से रूठे हुए सब मोतियों की बात हो रचनाकार परिचय:-अंग्रेजी साहित्य में एम. ए., एम. फ़िल., डी. फ़िल. डॉ0 राकेश जोशीमूलतः राजकीय महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड में अंग्रेजी साहित्य के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं| इससे पूर्व वे कर्मच...
साहित्य शिल्पी...
Tag :डॉ. राकेश जोशी
  February 1, 2015, 12:00 am
रचनाकार परिचय:-शबनम शर्मा अनमोल कुंज, पुलिस चैकी के पीछे, मेन बाजार, माजरा, तह. पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि.प्र. – 173021 मोब. - 09816838909, 09638569237शाम को एक छोटा सा कार्ड बिना दरवाज़ा खटखटाए कोई फेंक गया। रात को मुन्ना हाथ में लिये मुझे दिखा रहा व बोला, ‘‘अम्मा, पिछली गली वाली दादीजी की ...
साहित्य शिल्पी...
Tag :शबनम शर्मा
  February 1, 2015, 12:00 am
फूल हमें खुशबू देते हैं , और ताजगी देते हैं| लेते क्या हैं इतना समझो, सबका मन हर लेते हैं | रचनाकार परिचय:-श्री प्रभुदयाल श्रीवास्तवका जन्म- 4 अगस्त 1944 को धरमपुरा दमोह (म.प्र.) में हुआ। वैद्युत यांत्रिकी में पत्रोपाधि प्राप्त प्रभुदयाल जी विगत दो दशकों से अधिक समय से क...
साहित्य शिल्पी...
Tag :प्रभुदयाल श्रीवास्तव
  February 1, 2015, 12:00 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]
Share:
  गूगल के द्वारा अपनी रीडर सेवा बंद करने के कारण हमारीवाणी की सभी कोडिंग दुबारा की गई है। हमारीवाणी "क्...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3292) कुल पोस्ट (127463)