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हक और बातिल

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस्लाम में अल्लाह ने यह कोशिश करने को अहमियत दी है की दुनिया में जितने भी इंसान है सबको इंसानियत के रिश्ते से कम से कम एक एक रखो | झगड़ों और मतभेद से परहेज़ करो और अगर किसी का अक़ीदा आप से टकरा जाय या अलग हो तो उसे मुहब्बत से अपना अक़ीदा समझाओ लेकिन किसी को ब...
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Tag :social issues
  April 19, 2019, 6:58 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ये बात २० रजब सन ६० हिजरी की है जब मुआव्विया की मृत्यु हो गयी और यज़ीद  ने खुद को मुसलमानो  का  खलीफा घोषित कर दिया ।इमाम हुसैन (अ.स ) हज़रत मुहम्मद (स.अ व ) के नवासे थे और यह कैसे संभव था कि वो यज़ीद जैसे ज़ालिम और बदकार को खलीफा मान लेते ? इमाम हुसैन ने नेकी ...
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Tag :ahlubayt
  April 5, 2019, 7:22 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); Allama Iqbal* ke chAnd ashaar:Muslim’e awwal, shahey mardaaN Ali( A.S.)ishq ra sarmaaya’e eimaaN Ali(A.S.)Allaama Iqbal*khaira na kar saka mujhey, jalwaey daanish’e farAngsurma hai meiri aaNkh ka, khaakey Madina o NajafAllaama Iqbal*faiz Iqbal* hai usi dAr kabandaey shaah’e la-fataa hooN maiNAllaama Iqbal*yeh hai Iqbal*, faiz e yaad e naam e Murtaza, jis senigaahey fikr mein khalwat saraaey la-makaaN tAk haiAllaama Iqbal*————–Mirza Ghalib* ke Qaseed’e ke chAnd ashaar:laal se ki hai paey zamzamaey midhat’e Shahtootiye sabzaey kohsaar ne paida minqaar( maqsad yeh ke pahaaRh par sabza bhi ugta hai,aur usmeiN Laal bhi ...
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Tag :जश्न ऐ विलादत
  March 21, 2019, 8:53 pm
विलायत पोर्टल :घर में सन्नाटा छाया हुआ था और शौहर बाहर गए हुए थे, वह तन्हा थी और अपने हुजरे में बंद अपने रब से मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार कर रही थी, और अपने मालिक की तसबीह और तहलील में मसरूफ़ थी, उसके दिमाग़ में बीते हुए सारे हादसे एक के बाद एक आते जा रहे थे।उसके बाबा जब स...
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Tag :ahlubayt
  February 7, 2019, 12:14 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आख़िरत में हमारा दींन क्या दीन ऐ इस्लाम होगा क्यों की जन्नत तो  इन्ही लिए है ?दुनिया में हम अपने अक़ीदे को बयान करके खुद को मुसलमान और अली की विलायत को मानने वाले  बताते हैं और जन्नत के दावेदार बन जाते हैं |  किसी भी इंसान  की बात कोई नहीं जानता इस...
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Tag :
  January 9, 2019, 6:26 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस्लाम  में शादी (निकाह) का तात्पर्य सेक्सी इच्छा की पूर्ति के साथ-साथ सदैव नेक व सहीह व पूर्ण संतान का द्रष्टिगत रखना भी है। इसी लिए आइम्मः-ए-मासूमिन (अ.) ने मैथुन के लिए महीना, तारीख, दिन, समय और जगह को द्रष्टिगत रखते हुवे अलग-अलग असरात (प्रभाव) बताये ह...
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Tag :sex in islam
  January 9, 2019, 6:23 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आख़िरत में हमारा दींन क्या दीन ऐ इस्लाम होगा क्यों की जन्नत तो  इन्ही लिए है ?दुनिया में हम अपने अक़ीदे को बयान करके खुद को मुसलमान और अली की विलायत को मानने वाले  बताते हैं और जन्नत के दावेदार बन जाते हैं |  किसी भी इंसान  की बात कोई नहीं जानता इस...
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Tag :
  December 6, 2018, 10:05 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मुवर्रेख़ीन का कहना है कि अबरहातुल अशरम का ईसाई बादशाह था। उसमें मज़हबी ताअस्सुब बेहद था। ख़ाना ए काबा की अज़मत व हुरमत देख कर आतिशे हसद से भड़क उठा और इसके वेक़ार को घटाने के लिये मक़ामे सनआमें एक अज़ीमुश्शान गिरजा बनवाया। मगर इसकी लोगों की नज़र म...
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Tag :अबरहा
  November 30, 2018, 1:35 am
बे शर्म और बे हया लोगो की कभी उनकी नज़र में  बेइज्ज़ती नही होती ! क्यों की उन्हें इज़्ज़त के मायने ही पता नहीं होते | उन्हें तो बस इतना पता होता है हर हाल में जीतना है उसके लिए आख़िरत जाय या हुक्म ऐ खुदा के खिलाफ  जाना पड़े या बेहयाई करनी पड़े और इसी जीत के शौक में उनकी हार ...
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Tag :dosti
  September 27, 2018, 11:46 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); लेखक:मौलाना पैग़म्बर अब्बास नौगाँवीतारीखदानो ने हिन्दुस्तान मे इस्लाम की आमद हज्जाज बिन युसुफ के नौजवान कमांडर मौहम्मद बिन क़ासिम से मंसूब की है और ये ऐसी ज़हनीयत का नतीजा है कि जो इस्लाम को तलवार के फलता फूलता मानती है यहाँ भी यही जाहिर किया गया ...
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Tag :
  September 21, 2018, 11:21 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ...
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Tag :
  September 21, 2018, 9:31 am
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Tag :
  September 21, 2018, 9:29 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (जिसे मालिक बिन अश्तर नग़मी के नाम तहरीर फ़रमाया है, उस वक़्त जब उन्हें मोहम्मद बिन अबीबक्र के हालात के ख़राब हो जाने के बाद मिस्र और उसके एतराफ़ का गवर्नर मुक़र्रर फ़रमाया और यह अहदनामा हज़रत के तमाम सरकारी ख़ुतूत में सबसे ज़्यादा मुफ़स्सिल और महासिन कलाम...
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Tag :
  September 15, 2018, 9:33 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इंसान अपनी ज़िंदगी में अल्लाह से क़रीब होने के लिए बहुत से अमल अंजाम देता है लेकिन कभी कभी महसूस करता है कि इतने सारे आमाल के बावजूद वह ख़ुद को अल्लाह से क़रीब नहीं पा रहा है, आख़िर क्या वजह है कि इतने सारे आमाल के बाद भी वह ख़ुद को अल्लाह से क़रीब नहीं ...
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Tag :
  September 8, 2018, 7:14 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});  इस्लाम की निगाह में वह अमल सही है जो अल्लाह उसके रसूल स.अ. और इमामों के हुक्म के मुताबिक़ हों क्योंकि यही सेराते मुस्तक़ीम है, और जितना इंसान इस रास्ते से दूर होता जाएगा उतना ही गुमराही से क़रीब होता जाएगा। इंसान को शरीयत के हिसाब से अमल करना चाहि...
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  September 8, 2018, 6:52 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.) 1.       आदमी जैसे जैसे बूढ़ा होता जाता है उसकी हिरस व तमन्नाएं जवान होती जाती हैं।2.       अगर मेरी उम्मत के आलिम व हाकिम फ़ासिद होंगे तो उम्मत फ़ासिद हो जायेगी और अगर यह नेक होंगें तो उम्मत नेक होग...
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  September 3, 2018, 6:25 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का ऐलान  |  हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम को भी ग़दीर का उतना ही ख़्याल था जितना की अल्लाह को, और उस साल बहुत सारी क़ौमें और क़बीलें हज के सफ़र पर निकले थे।1. रसूले इस्लाम (स.अ.) का ग़दीर के दिन उतरन...
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  August 30, 2018, 12:54 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ईद ऐ ग़दीर खुशियों का दिन है और मुसलमानों के आपसी भाईचारे और एकता का प्रतिक है | लेकिन यह दुआ हमेशा करते रहे की अल्लाह हम सबको इब्लीस के शर से महफूज़ रखे |ग़दीर के दिन दुनिया के सभी मुसलमान एक थे और एक आवाज़ में कह रहे थे "जिस जिस के हजरत मुहम्मद (स.अ.व) मौला उसक...
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Tag :ghadeer
  August 29, 2018, 4:34 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); किसी ने मुसलमानो के खलीफा हज़रत अली (अ.स ) से पूछा की कोई शख्स उसका सच्चा दोस्त है या नहीं यह कैसे पता किया जाय तो हज़रत अली ने फ़रमाया उसके साथ किसी दावत में जाओ और देखो वो दस्तरख्वान पे कैसा बर्ताव करता है ?अगर वो अपनी प्लेट में पहले अच्छे अच्छे आइटम निकाल...
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  August 29, 2018, 4:28 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ .स ) ने कहा चार लोगों के साथ कभी नहीं रहना | एक बार इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ .स )  ने अपने बेटे इमाम मुहम्मद बाक़िर (अ .स ) से कहा बेटा ज़िंदगी में  क़िस्म के लोगों के साथ कभी मत रहना चाहे वो सफर में ही क्यों न मिल जाएँ | इमाम मुहम्मद बाक़...
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  August 29, 2018, 4:23 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ईरान में अमीर और ग़रीब के बीच फासले को लेकर पहले काफी कुछ पढ़ा था। ईरान पहुंचकर भी मेरी दिलचस्पी क़रीब साढ़े आठ करोड़ आबादी वाले इस मुल्क के स्लम्स में थी। पूरे सफर में जिन आधा दर्जन शहर या क़स्बों से गुज़र हुआ उनमें न भिखारी मिले, न लेबर चौक, न बदहाल ल...
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  August 14, 2018, 7:31 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); कल आज और कल |बचपन में जब भाई बहन एक दुसरे के साथ ना इंसाफ़ी करते थे तो माँ बाप ना इंसाफ़ी करने वाले बच्चे को डांट के जिसका हक़ मारा वो दिला देते थे | बड़े होने पे जो लायक बच्चा होता है वो कभी अपने भाई बहनो के साथ ना इंसाफ़ी नहीं करता लेकिन जो नालायक़ होता है वो अप...
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  August 11, 2018, 6:14 pm
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); नमाज़ की अस्ल यह है कि उसको जमाअत के साथ पढ़ा जाये। और जब इंसान नमाज़े जमाअत मे होता है तो वह एक इंसान की हैसियत से इंसानो के बीच और इंसानों के साथ होता है। नमाज़ का एक इम्तियाज़ यह भी है कि नमाज़े जमाअत मे सब इंसान नस्ली, मुल्की, मालदारी व ग़रीबी के भेद ...
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  August 11, 2018, 10:58 am
हमें ज़िन्दगी कैसे गुज़ारनी है यह  नमाज़ के दो जुम्लों  से तय होती है।पहला ग़ैरिल मग़ज़ूबि अलैहिम वलज़्ज़ालीन (न उनका जिनपर ग़ज़ब (प्रकोप) हुआ और न बहके हुओं का) जिसका मतलब की हमें उन गुमराह लोगों में शुमार न करना और उस गलत राह से दूर रखना | औरअस्सलामु अलैना व अला इबाद...
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Tag :समाज
  August 11, 2018, 10:51 am
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); पैग़ाम ए इमाम हुसैन अ स अपने अज़ादारो के नाम ।।।।।मेरा पैग़ाम ज़माने को सुनाने वालो ।।मेरे ज़ख्मो को कलेजे से लगाने वालो ।।मेरे मातम से ज़माने को जगाने वालोकर्बला क्या है ज़माने को बताने वालो ।।दिल ए मुज़्तर के धड़कने की सदा भी सुन लो ।।आज एक चाहने वाले का गि...
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  August 11, 2018, 5:50 am
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